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छत्तीसगढ़

CGPSC घोटाला मामले में गिरफ्तार 5 आरोपी भेजे गए 3 दिन की CBI रिमांड पर, होगी पूछताछ

CGPSC Scam Update: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) घोटाला मामले में गिरफ्तार हुए 5 आरोपियों को तीन दिन (22 सितंबर तक) की CBI रिमांड पर भेज दिया है। सीबीआई ने पांचों आरोपियों को शुक्रवार को ही गिरफ्तार किया था। इनमें दो पूर्व अधिकारी भी शामिल हैं, जो CGPSC में ही थे। बाकी तीनों आरोपी भी अफसरों के परिजन हैं। रिमांड पर लेने के बाद आरोपी से पूछताछ में 2020 और 2021 की भर्ती परीक्षाओं में धांधली और साजिश को बेनकाब किया जा सकेगा।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम 

  • जीवन किशोर ध्रुव – तत्कालीन सचिव, CGPSC
  • आरती वासनिक – तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक, CGPSC
  • सुमित ध्रुव – डिप्टी कलेक्टर (सचिव के बेटे)
  • निशा कोसले – डिप्टी कलेक्टर (तत्कालीन चेयरमैन के भाई की बहू)
  • दीपा आदिल – जिला आबकारी अधिकारी (तत्कालीन चेयरमैन के भाई की बहू)

सीबीआई ने जुलाई 2024 में छत्तीसगढ़ सरकार की सिफारिश पर यह केस दर्ज किया था। आरोप है कि तत्कालीन चेयरमैन, सचिव और अन्य अधिकारियों ने अपने बेटे-बेटियों और रिश्तेदारों को पास कराने के लिए पूरी भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी की। CGPSC 2021 में लगभग 1.29 लाख उम्मीदवार प्री-परीक्षा में बैठे थे।

170 उम्मीदवारों को हुआ चयन- इनमें से 2548 पास हुए, फिर 509 उम्मीदवारों ने मुख्य परीक्षा पास की और इंटरव्यू के लिए बुलाए गए। आखिर में 170 उम्मीदवारों का चयन हुआ, जिनमें कई बड़े अफसरों के रिश्तेदार थे। इस केस में पहले ही तत्कालीन चेयरमैन, डिप्टी कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन और 5 अन्य उम्मीदवारों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी आरोपी इस वक्त न्यायिक हिरासत में हैं।

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