भुवनेश्वर। ओडिशा में कालबैसाखी ने मंगलवार को कहर बरपाया। राजधानी भुवनेश्वर समेत मयूरभंज, रायगढ़ा, बलांगीर और जाजपुर जिलों में तेज आंधी, ओलावृष्टि और वज्रपात से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। कई इलाकों में भारी नुकसान की खबर है, जबकि एक मासूम की मौत हो गई है। सबसे दर्दनाक घटना मयूरभंज जिले के मोरड़ा ब्लॉक के छतना पंचायत अंतर्गत पलासबदा गांव में हुई, जहां 6 वर्षीय रॉकी की वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई।
बताया गया कि बच्चा घर में खेल रहा था, तभी अचानक बिजली गिरने से यह हादसा हुआ। इधर, चित्रड़ा और हल्दीपाल पंचायतों में जबरदस्त ओलावृष्टि हुई। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई ओलों का वजन 100 ग्राम से अधिक था, जिससे फसलों और घरों को भारी नुकसान पहुंचा। वहीं, रायगढ़ा जिले के काशीपुर ब्लॉक के माइकोंच, रेंगा और गोरखपुर पंचायतों के कई गांवों में तेज आंधी ने तबाही मचा दी। कई कच्चे मकानों की छतें उड़ गईं और बारिश का पानी घरों में घुसने से लोगों का सामान खराब हो गया। लिमाडोर गांव सहित आसपास के इलाकों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने हालात और बिगाड़ दिए। अंडीराकोंच, नुआगांव, पोडाबंध और कंचगुमा गांव भी इस आपदा से प्रभावित रहे।
इधर, बलांगीर जिले के पाटनागढ़ क्षेत्र में करीब आधे घंटे तक चले तेज तूफान ने भारी नुकसान किया। पाटनागढ़-पद्मपुर, पाटनागढ़-खपराखोल और पाटनागढ़-गाइसिलाट मुख्य मार्गों पर ओलों की मोटी परत जमने से सड़क़ें सफेद नजर आईं। कई जगह पेड़ गिरने से यातायात ठप हो गया। ओलों की मार से एस्बेस्टस और खपरैल की छतें टूट गईं, जबकि रबी फसल, सब्जी और फूलों की खेती को भी भारी क्षति पहुंची। कई गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। पाटनागढ़ के तहसीलदार रुद्रमोहन नायक ने बंजिझाल गांव पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया।







