राउरकेला। सुंदरगढ़ में एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। एक दंपति ने अपने तीन महीने के बच्चे को मंदिर में छोड़ दिया था, और अब उसे वापस पाने के लिए गुहार लगा रहे हैं। दंपति झारसुगुड़ा में रह रहे थे।
युवक पहले से शादीशुदा था और उसके पहले से एक बच्चा भी है, लेकिन उसने कटक की एक युवती के साथ प्रेम संबंध बना लिया। बाद में उसे झारसुगुड़ा लाकर दोनों पति-पत्नी की तरह रहने लगे और उनके यहां एक बच्चा पैदा हुआ। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता रहता था। छोटी-छोटी बातों पर पत्नी बच्चे को छोड़क़र अपने मायके कटक चली जाती थी। इसी तरह 18 मार्च को फिर दोनों के बीच विवाद हुआ और पत्नी बच्चे को छोड़क़र चली गई।
इससे नाराज होकर युवक ने 3 महीने के मासूम को हेमगिर ब्लॉक के कलामेघा पुनर्वास कॉलोनी स्थित जगन्नाथ मंदिर के चबूतरे पर छोड़ दिया और खुद वापस झारसुगुड़ा लौट गया। मंदिर में रोते हुए बच्चे को पुजारी ने देखा और उसे बचाकर पुलिस को सौंप दिया। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत बच्चे को ‘दिशा’ संस्था में रखा गया।
इधर, जब महिला वापस लौटी तो दोनों ने बच्चे को ढूंढना शुरू किया और अंततः मंदिर से होते हुए बाल कल्याण समिति के पास पहुंचकर बच्चे को वापस देने की मांग की। हालांकि, समिति ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। बच्चे को असुरक्षित स्थिति में छोड़ऩे की वजह से पहले यह जांच की जा रही है कि बच्चा वास्तव में उन्हीं का है या नहीं। सभी प्रमाण मिलने और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही बच्चे को लौटाने पर निर्णय लिया जाएगा।







