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कोरबा

वाह संजीवनी के पायलट कमाल कर दिया, जहां जाने से कतराते हैं वाहन चालक वहां पहुंचा दिया

(कोरबा टूडे स्टूडियो) । एक बार फिर संजीवनी 108 के पॉयलट व उसके सहयोगी ने ऐसा कर दिखाया कि जहां अन्य वाहन चालक जाने से कतराते है, वहां संजीवनी 108 को पहुंचाकर न सिर्फ मरीज तक पहुंचा, बल्कि उसे सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया। देखने वालों ने भी कहा कि वाह संजीवनी के पायलट कमाल कर दिया।रविवार की सुबह पुरानी बस्ती रानी रोड वार्ड नंबर 6 में एक मरीज की स्थिति गंभीर हो गई। परिजनों ने संजीवनी 108 को फोन किया। कॉलर के बताए स्थान पर संजीवनी रवाना हुई, लेकिन ईतवारी बाजार से आगे सिंधी गुरूद्वारा के पास जाकर खड़ी हो गई। मरीज के परिजन नीम चौक से आगे बस्ती में 108 का इंतजार कर रहे थे। लोगों ने संजीवनी 108 के पायलट को बताया कि यहां से आगे वाहन नहीं जा सकता। क्योंकि दर्जन भर से अधिक चार पहिया व तीन पहिया वाहन सड़क से लगकर खड़े हुए हैं। संजीवनी को 15 सौ मीटर अंदर जाना था। इस बीच वाहनों की कतार लगी हुई थी। सड़क संकरा होने की वजह से आगे जाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। फिर पायलट ने निर्णय लिया कि किसी भी तरह गंभीर मरीज तक पहुंचना है और वह आगे बढ़ा। कम उम्र का पायलट संजीवनी में बैठा हुआ था। उसने किसी तरह सड़क पर खड़ी वाहनों से बचाते हुए संजीवनी को गंभीर मरीज तक पहुंचाया। कोरबा टूडे स्टूडियो ने संजीवनी की एक तस्वीर भी ली है, जिसे सार्वजनिक किया जा रहा है। आपको बता दें कि पुरानी बस्ती के इस क्षेत्र में कई लोगों ने वाहन खरीदा है, लेकिन उन्हें आपात स्थिति से कोई लेना देना नहीं है। वाहनों को रखने के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई है। आपात स्थिति से जूझने वालों को ही मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। इससे एक वर्ष पूर्व इसी क्षेत्र की बुजुर्ग फिरतीन उर्फ कानी की स्थिति गंभीर हो गई थी। उस समय भी संजीवनी को बुलवाया गया था, लेकिन संजीवनी के पायलट ने आगे जाने से इंकार कर दिया था। बुजुर्ग फिरतीन को गोद में उठाकर सिंधी भवन के पास खड़ी संजीवनी तक ले जाया गया। उसे बिलासपुर ले जाया जा रहा था, लेकिन बीच रास्ते में उसकी मौत हो गई। चिकित्सकों को यह कहते भी सुना होगा कि लाने में थोड़ी देर कर दी। अगर हम इस व्यवस्था में सुधार कर लें तो बहुत से मरीजों की जान बच सकती है। सड़क पर वाहन खड़ी करने का नतीजा क्षेत्र के लोगों ने देखा। संजीवनी किसी तरह बस्ती से बाहर निकल गई, लेकिन सड़क पर वाहनें जस की तस खड़ी हुई है। किसी भी जनमानस पर आपात स्थिति कभी भी आ सकती है। जब हम दूसरों का ख्याल रखेंगे तो दूसरे भी हमारा ख्याल रखेंगे। निगम व प्रशासन के अधिकारियां को चाहिए कि बस्ती के भीतर खड़ी वाहनों को हटाने की अपील की जाए, ताकि आने वाले समय में आपात स्थिति से लोगों को जूझना न पड़े।

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