इस्लामाबाद। भारत के साथ संबंध तभी आगे बढ़ाए जा सकते हैं जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कश्मीर के विशेष दर्जे को बहाल करें। उक्त बातें पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने लाहौर स्थित अपने जमान पार्क निवास में विदेशी मीडिया से बातचीत के दौरान कही। भारतीय संसद ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को 2019 में रद्द कर दिया था और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों- जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में विभाजित कर दिया था।
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के नेता ने कानून के शासन संबंधी एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कहा कि यदि कानून का शासन नहीं हो, तो पाकिस्तान का कोई भविष्य नहीं होगा। उन्होंने भारत का उदाहरण देते हुए कहा कि कानून के शासन के कारण प्रगति की। खान पाकिस्तान के पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में चुनावों में देरी की पीएमएल (एन) (पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज) नीत सत्तारूढ़ गठबंधन की साजिश को नाकाम करने और संविधान की रक्षा के लिए न्यायपालिका से आस लगाए हुए हैं। इन दोनों प्रांतों में पिछले महीने विधानसभाएं भंग होने के बाद 90 दिन में चुनाव होने हैं।
खान को पीएमएलएन ने अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के जरिए सत्ता से बेदखल कर दिया था। खान ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ गठबंधन ने सैन्य प्रतिष्ठान में अपने आकाओं के समर्थन से उन्हें राजनीति से निकालने के लिए साजिश रची। यह पूछे जाने पर कि क्या सेना प्रमुख जनरल सैयद आसिम मुनीर भी इस प्रकार के प्रयासों में शामिल थे, इस पर उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि वह दो महीने से कार्यालय में नहीं हैं और मैं उन्हें संदेह का लाभ देता हूं। खान ने यह भी आरोप लगाया कि उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी और तीन बार प्रधानमंत्री रहे नवाज शरीफ उन्हें अयोग्य घोषित कराना चाहते हैं।







