Home » सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: शहर-बदर का आदेश मौलिक स्वतंत्रता का उल्लंघन, मनमानी पर रोक
दिल्ली-एनसीआर देश

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: शहर-बदर का आदेश मौलिक स्वतंत्रता का उल्लंघन, मनमानी पर रोक

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने व्यवस्था दी है कि किसी नागरिक को उसके गृह क्षेत्र से बाहर करने (शहर-बदर) का आदेश उसकी बहुमूल्य मौलिक स्वतंत्रता पर सीधा आघात करता है।

जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह के गंभीर और कठोर कदम को कभी भी रूटीन प्रक्रिया या मनमाने तरीके से नहीं अपनाया जा सकता।

यह फैसला उस व्यक्ति की अपील पर आया, जिसे पिछले साल नवंबर में रायगढ़ और आसपास के जिलों से एक साल के लिए बाहर करने का निर्देश दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस कार्रवाई को ‘कमजोर और बचाव से परे’ करार दिया, क्योंकि इसके समर्थन में कोई ठोस वजह नहीं थी। कोर्ट ने माना कि केवल कई आपराधिक मामले दर्ज होने मात्र से किसी व्यक्ति के खिलाफ शहर-बदर का आदेश पारित करने का आधार नहीं मिल जाता। इसके लिए जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) को वस्तुनिष्ठ सामग्री के आधार पर यह बताना होता है कि ऐसा कदम वाकई जरूरी है।

Search