रविशंकर शुक्ल नगर में गौ सेवा समिति के कार्यकर्ताओं ने गौसेवा की मिसाल पेश की है। चार दिनों से सेप्टिक टैंक में फंसे एक नंदी बैल को सुरक्षित बाहर निकाला। करीब चार घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद बैल को सकुशल निकालकर प्राथमिक उपचार दिया गया।
जानकारी के अनुसार रविशंकर शुक्ल नगर स्थित एक निर्माणाधीन मकान के पास बने खुले सेप्टिक टैंक में चार दिन पहले एक नंदी बैल फिसलकर गिर गया था। टैंक गहरा और संकरा होने के कारण वह बाहर नहीं निकल सका। भूख और प्यास से बेहाल बैल लगातार आवाज करता रहा लेकिन किसी का ध्यान उस ओर नहीं गया।
गुरुवार को पड़ोसियों की नजर बैल पर पड़ी, जिसके बाद उन्होंने तत्काल गौ सेवा समिति को सूचना दी। सूचना मिलते ही समिति के जिला अध्यक्ष अविनाश कुमार गुप्ता सहित प्रकाश शर्मा, राज महंत, अमित सारथी, मानस और अन्य गौ सेवक मौके पर पहुंचे।
रेस्क्यू के बाद दिया गया प्राथमिक उपचार : रेस्क्यू अभियान की शुरुआत जेसीबी मशीन से की गई लेकिन जगह संकरी होने के कारण जेसीबी का दांता क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद दूसरी मशीन मंगाकर टैंक के आसपास का हिस्सा तोड़ा गया। साथ ही गैस कटर और ग्राइंडर की मदद से टैंक के ऊपर लगे लोहे के छज्जे और सरियों को काटा गया। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रस्सियों की सहायता से नंदी बैल को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बाहर निकलते ही उसे प्राथमिक उपचार दिया गया।
लापरवाही पर नाराजगी : स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि निर्माणाधीन मकान के खुले सेफ्टी टैंक को सुरक्षित ढंग से नहीं ढंका गया था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। लोगों का कहना है कि इसी स्थान पर पहले भी एक जानवर गिर चुका है, इसके बावजूद आवश्यक सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए।
गौ सेवकों ने मौके पर पहुंचे वार्ड पार्षद से खुले सेफ्टी टैंक को तत्काल ढंकवाने की मांग की। इस सफल रेस्क्यू अभियान के बाद क्षेत्र में गौ सेवा समिति के कार्यकर्ताओं की सराहना की जा रही है।