रायगढ़। प्रेमिका से मिलने पहुंचे युवक की हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। प्रेमिका ने अपने दूसरे प्रेमी के साथ मिलकर युवक की हत्या कर शव को जलाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की थी। मामले में अदालत ने आरोपी महिला को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 2 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
जांच के दौरान यशोदा ने सह-आरोपी दुष्यंत यादव के साथ मिलकर हत्या करने और शव को जलाने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यशोदा सारथी और फरार आरोपी दुष्यंत यादव के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 201 के तहत न्यायालय में चालान पेश किया।
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायालय में हुई। न्यायाधीश अभिषेक शर्मा ने साक्ष्यों और गवाहों के बयान तथा दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यशोदा उर्फ दशोदा सारथी को देवा उर्फ लखन सिदार की हत्या का दोषी ठहराया। अदालत ने उसे आजीवन कारावास और 2 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। साथ ही मृतक के परिजनों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से 1 लाख रुपये की प्रतिकर राशि दिलाने की अनुशंसा भी की है।







