जामनगर-सूरत समेत कई जिलों में अलर्ट जारी
अहमदाबाद। गुजरात के जूनागढ़ जिले में भारी बारिश के बाद अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। भारी बारिश के जूनागढ़ के समधियाला गांव के पास पानी में फंसे कई लोगों को शनिवार को फायर विभाग के कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया। फायर डिपार्टमेंट की टीम ने इस रेस्क्यू ऑपरेशन को पूरी तरह सुरक्षित अंजाम दिया और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने गुजरात के कई जिलों पोरबंदर, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, दीव, भावनगर, महीसागर, दाहोद, पंचमहल, छोटा उदेपुर, भरूच, नर्मदा, सूरत और तापी में अलग-अलग जगहों पर मध्यम बारिश (5-15 मिमी प्रति घंटा) के साथ मध्यम आंधी और 41-61 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान लगाया है।
मौसम विभाग ने इन जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की मध्यम संभावना (30-60 प्रतिशत) की चेतावनी भी दी है। इस बीच, लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने पूरे पश्चिमी भारत, खासकर गुजरात और महाराष्ट्र में आम जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ हिस्सों में लोगों की मौत भी हुई है। गुजरात के मेंडरडा इलाके में समधियाला गांव के पास बाढ़ के पानी में चार गाडिय़ां फंस गईं। जिसमें से कई लोगों का रेस्क्यू किया गया।
गुजरात के जामनगर जिले में ध्रोल इलाके पर बारिश की सबसे ज्यादा मार पड़ी, जहां लगातार बारिश से कई मुख्य सडक़ें जलमग्न हो गईं। अचानक आई बाढ़ के कारण बच्चों से भरी स्कूल बसों सहित कई वाहन पानी से भरी सडक़ों पर फंस गए, जिससे निवासियों को आने-जाने के लिए कमर तक गहरे पानी से होकर गुजरना पड़ा। जूनागढ़ जिले में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
वर्षा रिपोर्ट के अनुसार, जूनागढ़ जिले के मंगरोल तालुका में 22.24 इंच की उच्चतम वर्षा दर्ज की गई है। इसके अलावा, मालिया हटीना में 14.09 इंच, केशोड में 12.80 इंच और मेंडार्दा में 12.56 इंच वर्षा दर्ज की गई है। वहीं, वंथली में 3.98 इंच और जूनागढ़ शहर में 0.98 इंच वर्षा हुई है।







