जम्मू। जम्मू-कश्मीर की जेलों में बंद आतंकियों तक सिग्नल वार के जरिए अवैध संचार और घुसपैठ के षड्यंत्र रचे जा रहे हैं। पाकिस्तान सीमा पार से जम्मू-कश्मीर में अपने मोबाइल सिग्नल का दायरा बढ़ाकर सक्रिय आतंकी संगठनों तक संदेश पहुंचा रहा है।
सिग्नल के जम्मू-कश्मीर की जेलों तक पहुंचने के संकेत मिले हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। पाकिस्तान, अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार नियमों का उल्लंघन करते हुए नियंत्रण रेखा के पार से जम्मू-कश्मीर में अतिरिक्त मोबाइल सिग्नल प्रसारित कर रहा है। इन सिग्नलों का उद्देश्य जम्मू कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठनों से गुप्त संचार करना है। पाकिस्तान ने गुलाम जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास बड़ी संख्या में टेलीकाम टावर स्थापित किए हैं। इन टावरों के सिग्नल की पहुंच जम्मू क्षेत्र की कई जेलों तक है। जहां कई आतंकी बंद हैं।
जैमर सिग्नलों को पूरी तरह रोकने में सक्षम नहीं
कश्मीर में पहाड़ी भूभाग अधिकांश बाहरी मोबाइल सिग्नलों को रोक देता है। जम्मू के मैदानी इलाकों में ये सिग्नल अंदर तक प्रवेश कर रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक कठुआ, राजौरी और पुंछ जैसे सीमावर्ती जिलों के अलावा जम्मू स्थित संवेदनशील कोट भलवाल जेल क्षेत्र तक इन सिग्नलों के पहुंचने के संकेत मिले हैं।







