नई दिल्ली। बहुचर्चित 200 करोड़ रुपये के जबरन वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली की एक विशेष अदालत ने कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर, बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। पटियाला हाउस कोर्ट के विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने मामले में शामिल आरोपियों को 3 जून को अदालत में उपस्थित होने के लिए तलब किया है।
मामले में विस्तृत आदेश का इंतजार है। यह मामला दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध और संगठित अपराध से जुड़ी जांच से निकला है, जिसमें आरोप है कि सुकेश चंद्रशेखर और उसके सहयोगियों ने वर्ष 2020 और 2021 के दौरान पूर्व रैनबैक्सी प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से करीब 200 करोड़ रुपये की ठगी और जबरन वसूली की थी। आरोप है कि सुकेश ने खुद को केंद्र सरकार का वरिष्ठ अधिकारी बताकर प्रभाव का झांसा दिया और शिविंदर सिंह को जमानत दिलाने के नाम पर बड़ी रकम हासिल की।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में दावा किया गया है कि वसूली गई रकम को शेल कंपनियों और विभिन्न वित्तीय लेन-देन के माध्यम से सफेद किया गया। एजेंसी का आरोप है कि इसी धन का एक हिस्सा महंगे उपहार, लग्जरी सामान और अन्य संपत्तियां खरीदने में इस्तेमाल किया गया।
ईडी ने अपनी पूरक अभियोजन शिकायत में अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस को भी आरोपी बनाया था। एजेंसी का आरोप है कि जैकलीन को अपराध से अर्जित धन से खरीदे गए करोड़ों रुपये मूल्य के महंगे उपहार और अन्य लाभ प्राप्त हुए। जांच एजेंसी के अनुसार इन उपहारों की कुल कीमत 7 करोड़ रुपये से अधिक है।
हालांकि जैकलीन फर्नांडिस की ओर से लगातार यह दलील दी जाती रही है कि उन्हें सुकेश चंद्रशेखर की कथित आपराधिक गतिविधियों की जानकारी नहीं थी और उनका किसी भी अवैध कार्य में शामिल होने का कोई इरादा नहीं था। अभिनेत्री के वकीलों का कहना है कि उनकी मुवक्किल को मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है।
इसी महीने ईडी ने जैकलीन की उस याचिका का भी विरोध किया था, जिसमें उन्होंने सरकारी गवाह बनने की अनुमति मांगी थी। एजेंसी का कहना था कि अभिनेत्री कथित अपराध से प्राप्त लाभों की लाभार्थी रही हैं और अब अभियोजन से बचने का प्रयास कर रही हैं।
सुकेश चंद्रशेखर लंबे समय से विभिन्न आपराधिक मामलों का सामना कर रहा है। उसके खिलाफ देशभर में कई मामले दर्ज हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उसके खिलाफ कुल 31 मामले हैं, जिनमें से अधिकांश में उसे जमानत मिल चुकी है। हालांकि 200 करोड़ रुपये की जबरन वसूली और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले अभी भी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।
इस बहुचर्चित मामले पर देशभर की नजरें टिकी हुई हैं। 3 जून को अदालत में होने वाली अगली सुनवाई के दौरान आरोप तय करने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से आगे बढ़ेगी, जिसके बाद मामले की सुनवाई नए चरण में प्रवेश करेगी।







