नई दिल्ली। भारत और जापान ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक नई रणनीतिक ऊंचाई देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। जापानी विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी (Toshimitsu Motegi) की तीन दिवसीय भारत यात्रा (15-17 जनवरी, 2026) के दौरान दोनों देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिजों) जैसे भविष्य के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। शनिवार को संपन्न हुई इस यात्रा के दौरान मोतेगी ने न केवल उच्च स्तरीय कूटनीतिक बैठकें कीं, बल्कि भारत-जापान आर्थिक सहयोग के प्रतीक ‘दिल्ली मेट्रो’ की सवारी भी की।
AI और क्रिटिकल मिनरल्स पर नया रोडमैप : विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उनके जापानी समकक्ष तोशिमित्सु मोतेगी के बीच 18वीं भारत-जापान रणनीतिक वार्ता (18th Strategic Dialogue) के दौरान भविष्य की तकनीक और संसाधन सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, दोनों पक्षों ने एक नया ‘AI डायलॉग’ शुरू किया है और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (Rare Earth Elements) पर सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए ‘क्रिटिकल मिनरल्स’ पर एक संयुक्त कार्य समूह (Joint Working Group) गठित करने का निर्णय लिया है। एस. जयशंकर ने बैठक के दौरान कहा कि पिछले दो दशकों में भारत और जापान के संबंध मुख्य रूप से आर्थिक साझेदारी से बढ़कर एक व्यापक और रणनीतिक रिश्ते में तब्दील हो गए हैं। उन्होंने क्वाड (Quad), संयुक्त राष्ट्र, G4 और G20 जैसे मंचों पर दोनों देशों के सहयोग को रेखांकित किया।
पीएम मोदी से मुलाकात: ‘अगले दशक’ का विजन : अपनी यात्रा के दौरान मोतेगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान पिछले साल अगस्त में पीएम मोदी की जापान यात्रा के दौरान लॉन्च किए गए “अगले दशक के लिए भारत-जापान संयुक्त विजन” को केंद्र में रखते हुए चर्चा की गई। जापानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने आर्थिक सुरक्षा, निवेश, नवाचार और लोगों के बीच आपसी संपर्क (People-to-people exchanges) जैसे व्यापक मुद्दों पर स्पष्ट विचार साझा किए। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
मेट्रो की सवारी: JICA के सहयोग का प्रतीक : यात्रा के अंतिम दिन, शनिवार को जापानी विदेश मंत्री ने भारत में जापान के राजदूत केईची ओनो के साथ दिल्ली मेट्रो की सवारी की। उन्होंने केंद्रीय सचिवालय से पटेल चौक तक और वापस केंद्रीय सचिवालय तक का सफर तय किया। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के अधिकारियों ने उन्हें मेट्रो परियोजना की बारीकियों और जापान इंटरनेशनल सहयोग एजेंसी (JICA) द्वारा चरण-1 से ही दिए जा रहे वित्तीय सहयोग के बारे में जानकारी दी। DMRC ने एक बयान में कहा कि विदेश मंत्री ने मेट्रो के निर्माण और परिचालन में गहरी रुचि दिखाई, जो भारत-जापान मित्रता का एक गौरवशाली प्रतीक है।
तोशिमित्सु मोतेगी की यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन की मजबूती और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप पर जोर दिया जा रहा है। AI और क्रिटिकल मिनरल्स पर हुआ समझौता यह दर्शाता है कि दोनों देश अब पारंपरिक बुनियादी ढांचे (जैसे मेट्रो) से आगे बढ़कर डिजिटल और सामरिक अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहे हैं। यह साझेदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगी।







