साले-बहनोई के टाइल्स शोरूम और भट्टा जब्त
शाहजहांपुर । स्मैक तस्कर रियाज व उसके साले राहत को जेल में डालने के बाद काली कमाई से बना आर्थिक साम्राज्य ध्वस्त किया जा रहा। आरोपित साले-बहनोई ने तस्करी के रुपयों से अपने स्वजन के नाम करोड़ों की संपत्तियां बना ली थीं। गुरुवार को प्रशासनिक टीम ने मकान, शोरूम, खेत आदि समेत 80 करोड़ की संपत्तियां फ्रीज कर दीं। इन सभी पर प्रशासन के बोर्ड लगा दिए गए कि किसी प्रकार का उपयोग या कब्जा न किया जाए। आरोपितों की कुछ अन्य संपत्तियों का भी चिह्नीकरण किया जा रहा है।
मीरानपुर कटरा के आतिशबाजान मुहल्ला निवासी मोहम्मद निवासी रियाज लंबे समय से स्मैक की तस्करी कर रहा। उसने दिल्ली, मुजफ्फरनगर समेत कई जिलों में अपना नेटवर्क बनाया। इसके बाद गुर्गों के जरिये स्मैक खपाता था। उसका साला राहत उर्फ कासिम भी अलग नेटवर्क बनाकर तस्करी करता था। दो अक्टूबर 2025 को स्थानीय पुलिस ने रियाज को 99 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उसकी तलाश में दिल्ली की चाणक्यपुरी पुलिस भी लगी थी। रियाज के जेल में होने की जानकारी पर दिल्ली पुलिस ने रिमांड पर लिया था। उससे पूछताछ के आधार पर उसके घर से डेढ़ किलो स्मैक बरामद की गई थी।
पुलिस के अनुसार, उस पर मीरानपुर कटरा, बरेली, दिल्ली में एनडीपीएस एक्ट के कई मुकदमे दर्ज हैं। सितंबर 2025 में उसके साले राहत से भी मुजफ्फरनगर में स्मैक की बड़ी खेप बरामद कर जेल भेजा गया था। इन दोनों पर गैंग्सटर लगाने प्रक्रिया शुरू की गई। इसके साथ ही अवैध कमाई से संपत्तियां बनाने की जांच भी बैठाई गई। इसमें पाया गया कि आरोपितों ने अवैध कमाई से मीरानपुर कटरा में आठ खेत, दो मकान, ईंट के दो भट्टा एक शापिंग काम्प्लेक्स, एक कार, एक ट्रैक्टर खरीदा। इस पर पर्दा डालने के लिए अधिकतर संपत्तियां स्वजन के नाम से खरीदी थीं। इसकी पुष्टि होने के बाद इन संपत्तियों के जब्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई।
गुरुवार शाम को सीओ ज्योति यादव व प्रशासनिक अफसर इन संपत्तियों को फ्रीज करने पहुंचे। करीब चार घंटे चली कार्रवाई के बाद टीम लौट गई। क्षेत्र में चर्चा रही कि तस्करी से करोड़ों रुपये कमाने वाला रियाज दिखावे के लिए शोरूम संचालित करने लगा था। उसका उद्घाटन सत्ता पक्ष के एक विधायक से कराया था।







