मेरठ। मेरठ-रुडक़ी नेशनल हाईवे (एनएच-58) स्थित दीवान लॉ कॉलेज में एक मुस्लिम युवक पिछले काफी समय से छात्राओं की वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल कर रहा था। शिकायत मिलने पर कालेज के प्रधानाचार्य ने मुस्लिम छात्र को सस्पेंड कर दिया। उधर, अब छात्र आरोप लगा रहा है कि उसे मुस्लिम होने के कारण कॉलेज से सस्पेंड किया गया है। छात्र ने कमिश्नरी पर धरना भी दिया।
लिसाड़ी गेट निवासी आतिफ सैफी नाम का एक छात्र मेरठ-रुडक़ी हाईवे स्थित दीवान लॉ कॉलेज में बी-कॉम एलएलबी में सैकेंड सेमेस्टर में पढ़ता है। छात्र पर कुछ दिन पहले कालेज की छात्राओं ने आरोप लगाया कि वह उनकी वीडियो बनाता है और इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करता है। वह उसका विरोध करती हैं तो छात्र उन्हें तरह तरह की धमकी देता है। जिसके बाद प्रधानाचार्य डॉ. शशांक मिश्रा ने इस संबंध में जांच कराई। जांच में आरोप सही पाए गए। आरोप सही पाए जाने पर प्रधानाचार्य डॉ. शशांक मिश्रा ने छात्र आतिफ सैफी को सस्पेंड कर दिया।
उधर, आतिफ सैफी का कहना है कि उसने किसी की वीडियो नहीं बनाई। उसे केवल मुस्लिम होने के कारण कॉलेज से सस्पेंड किया गया है। छात्र ने बुधवार को कमिश्नरी पर पहुंचकर हंगामा किया और धरना भी दिया। हालांकि छात्र ने किसी अधिकारी को लिखित में कोई शिकायत नहीं की है। कुछ देर के बाद वह कमिश्नरी से चला गया। दीवान लॉ कॉलेज में बुधवार को छात्र के पिता पहुंच गए। उन्होंने वहां पर खूब हंगामा किया। प्रधानाचार्य और अध्यापकों ने उन्हें किसी तरह से समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने और कालेज स्टाफ को कोर्ट में घसीटने की धमकी दी। बाद में छात्र से कहा गया कि वह शपथ पत्र दे कि आगे से वह ऐसा नहीं करेगा। उसे वापस कॉलेज में पढऩे दिया जाएगा, लेकिन छात्र शपथ पत्र भी देने को तैयार नहीं है। इसलिए अभी तक छात्र सस्पेंड है।







