दौसा। साइबर सेल और कोतवाली पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 33 हजार लोगों से निवेश के नाम पर 22 करोड़ की ठगी करने वाले 15 वर्षों से फरार चल रहे 20 हजार रुपये के इनामी शातिर दंपती को गिरफ्तार किया है। एसपी सागर राणा ने जानकारी दी कि यह दंपती लंबे समय से राजस्थान और अन्य राज्यों में लोगों को निवेश के नाम पर अच्छे मुनाफा का झांसा देकर ठगी की वारदात को अंजाम दे रहा था।
आरोपियों ने करीब 33 हजार लोगों से 22 करोड़ रुपये की ठगी की थी। इन लोगों ने वर्ष 2010 में रिलायबल एज्युकेशन प्रा.लि. व रिलायबल रियल हाउस प्रा.लि. नाम से चिटफंड कंपनी खोलकर लोगों के साथ करोड़ों की ठगी की थी। फर्जी दस्तावेज बनाकर श्रीराम से मुकेश कुमार और पत्नी नीना से मीना देवी बनकर 15 वर्ष से दिल्ली और हरियाणा में फरारी काट रहे थे। अभियुक्तगण दौसा सहित अन्य जिलों और राज्यों में वांछित चल रहे हैं।
पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए बिछाया जाल- एसपी सागर राणा ने दौसा में 22 करोड़ की ठगी के प्रकरण में 15 साल से वांछित चल रहे 20 हजार रुपये के इनामी अभियुक्त पति-पत्नी श्रीराम सैनी व नीना देवी की गिरफ्तारी के लिए साइबर सेल प्रभारी प्रेमनारायण शर्मा के नेतृत्व में साइबर टीम के सदस्यों की तकनीकी टीम का गठन कर शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश प्रदान किये। टीम द्वारा लगातार अपराधियों की निगरानी कर अपराधियों के संबंध में बुद्धिमता, ओपन सोर्स, परम्परागत पुलिस संसाधनों, गोपनीय सूचना तथा तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर उसके अस्थाई निवासों एवं रोजगार के साधनों के संबंध में सूचना संकलन की गई। इस सूचना के आधार पर अभियुक्तों के विभिन्न अस्थाई निवास स्थानों के समाचार पत्र वितरकों, फल-सब्जी दुकानदारों, डेयरी बूथों, परचून के सामान विक्रेताओं से तथा रोजगार स्थल के आस पड़ोसी दुकानदारों से गोपनीय जानकारी जुटाकर तथाकथित मुकेश कुमार और मीना देवी की पुख्ता पहचान कर आरोपी श्रीराम सैनी और नीना देवी को गिरफ्तार करने में सफलता अर्जित की गई।
कई जिलों में वांटेड हैं आरोपी- अभियुक्त दौसा जिले में कोतवाली, बांदीकुई और जिला झुंझुनू के कई आपराधिक प्रकरणों में वांछित अपराधी हैं। इसके अलावा अन्य जिलों एवं राज्यों से भी वांछित होने के संबंध में सूचना एकत्रित की जा रही है। गिरफ्तार अभियुक्त श्रीराम पुत्र महावीर प्रसाद सैनी पत्नी श्रीराम सैनी वार्ड नं. 22 बग्गड रोड झुंझुनू के रहने वाले हैं। पुलिस टीम में साइबर सेल प्रभारी प्रेमनाराण शर्मा और अनुसंधान अधिकारी एएसआई रतन सिंह के नेतृत्व में जगमाल सिंह, दशरथ सिंह ममता थे।







