रायपुर । बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के कसडोल थाना क्षेत्र के खर्वे गांव में पिछले चार महीनों के दौरान हुई आठ रहस्यमयी मौतों का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। गांव का ही रहने वाला 46 वर्षीय रामसहाय जायसवाल इन हत्याओं का मास्टरमाइंड निकला। आरोपी ने पुरानी रंजिश, मानसिक कुंठा, अंधविश्वास और आर्थिक कारणों से अपने परिचितों को शराब में जहर मिलाकर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
- पुलिस के अनुसार आरोपी ने शराब में जहर मिलाकर अलग-अलग कारणों से आठ लोगों की हत्या की।
- पहला शिकार छह फरवरी को बद्री को बनाया गया, जो अक्सर आरोपी के साथ गाली गलौज और शराब पिलाने के लिए परेशान करता था, आरोपी के सुहागा मिले शराब को पीने से बद्री की मौत हो गई।
- पहले शिकार से मिली सफलता से आरोपी ने दूसरा निशाना बुठालु को 20 फरवरी को बनाया। बुठालु द्वारा समाज को गाली देने और पूर्व विधानसभा चुनाव के समय हुए विवाद यानी पुरानी रंजिश से आरोपी द्वारा बुठालू को सुहागा मिलाकर शराब पिलाने से उसी तरह उसकी मौत हो गई।
- 12 मार्च को छत्तु राम जो आरोपी के पत्नि के उपर बुरी नियत रखता था, जिसका बदला लेने के लिये शराब में सुहागा मिलाकर पिलाने से छत्तुराम की भी मौत हो गई।
- 20 मार्च को बुधराम, जिससे आरोपी के साथ जमीन लेन देन और समाजिक रूप से रंजीश बना हुआ था, ठीक उसी पैटर्न में शराब में सुहागा मिलाकर पिलाने से बुधराम की भी मौत हो गई। जिसका दाह संस्कार किया गया है।
- लोगों को जहर देकर लगातार मारने की घटना और किसी को कोई शंका नही होने पर आरोपी द्वारा अगला शिकार विनोद कुमार को बनाया गया, जो उसे लगातार गाली गलौज किया करता था, उससे बदला लेने के लिये सुहागा मिलाकर शराब पीने के लिए आरोपी द्वारा दिया गया, जिसे पीने से विनोद कुमार की भी मौत दिनांक 31 मार्च को कसडोल अस्पताल में हो गई।
- आरोपी ने सुहागा मिला हुआ शराब देने और उसे पीने से गजानंद की दिनांक 28 अप्रैल को मृत्यु हो गया। आरोपी को शंका था कि गजानंद उन पर बैगा गुनिया करता था, जिससे वह कर्ज मुक्त नहीं हो पा रहा है जीवन में सुख शांति नहीं आ पा रहा है।
- आरोपी ने चैतूराम से 50 हजार कर्ज लिया था, जिसके ब्याज देने से निजात पाने के लिये चैतुराम को मारने का आरोपी द्वारा योजना बनाई गई। इसके बाद उसनें चैतुराम को 29 अप्रैल को शराब में सुहागा मिलाकर दिया, जिसे पीने से चैतुराम की मौत हो गई।
- इसके बाद 2023 में चुनाव के समय हुए पुराने झगड़ा विवाद मारपीट का बदला लेने तथा बीच बीच में ताने मारने की बात को लेकर 14 मई को महेतरू राम को भी सभी लोगो की तरह शराब में सुहागा मिलाकर आरोपी द्वारा दिया गया, जिसे पीने से महेतरू की भी मौत हो गयी।
- आरोपी ने 14 अप्रैल को कार्तिक को सुहागा मिला शराब दे दिया था, जिसे पीने से कार्तिक की तबियत खराब होने से परिजनों ने इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था, समय रहते इलाज मिलने से कार्तिक की जान बच गई।
अंतिम संस्कार में भी शामिल होता था आरोपी : पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि किसी को शक न हो, इसलिए रामसहाय खुद पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाने में मदद करता था और उनके अंतिम संस्कार तथा कफन-दफन में भी शामिल होता था।
तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ से टूटी चुप्पी : शुरुआत में आरोपी लगातार पुलिस को गुमराह करता रहा और अपना जुर्म स्वीकार नहीं किया, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों, ग्रामीणों से पूछताछ और गहन विवेचना के बाद वह टूट गया और उसने एक-एक हत्या की पूरी कहानी पुलिस के सामने बयां कर दी।पहला शिकार छह फरवरी को बद्री को बनाया गया, जो अक्सर आरोपी के साथ गाली गलौज और शराब पिलाने के लिए परेशान करता था, आरोपी के सुहागा मिले शराब को पीने से बद्री की मौत हो गई।







