Kerala News : केंद्र सरकार ने केरल का नाम आधिकारिक तौर पर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मंगलवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस फैसले पर सहमति बनी। यह प्रस्ताव पहले राज्य सरकार की ओर से भेजा गया था, जिसे अब केंद्र ने हरी झंडी दे दी है। सूत्रों के मुताबिक, यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब राज्य में अप्रैल–मई में विधानसभा चुनाव होने हैं। हालांकि सरकार का कहना है कि यह कदम राज्य की सांस्कृतिक और भाषाई पहचान को सम्मान देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
मुख्यमंत्री की पहल : इस प्रस्ताव को पेश करने वाले केरल के मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan चाहते थे कि संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी भाषाओं में राज्य का नाम ‘केरलम’ किया जाए। उनका तर्क था कि ‘केरलम’ राज्य का मूल और स्थानीय उच्चारण है, जो उसकी सांस्कृतिक पहचान को बेहतर तरीके से दर्शाता है।
‘सेवा तीर्थ’ में पहली बैठक : यह फैसला नए प्रधानमंत्री कार्यालय भवन ‘सेवा तीर्थ’ में आयोजित पहली मंत्रिमंडल बैठक में लिया गया। हाल ही में इस भवन का उद्घाटन किया गया था, और इसी बैठक में राज्य के नाम परिवर्तन को औपचारिक स्वीकृति दी गई।
आगे की प्रक्रिया : अब इस फैसले के बाद संवैधानिक और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। आधिकारिक दस्तावेजों, अधिसूचनाओं और विभिन्न भाषाओं में राज्य के नाम में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। नाम परिवर्तन को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, लेकिन राज्य सरकार का मानना है कि यह कदम केरल की सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय पहचान को मजबूत करेगा।







