विजयपुरा। बीते मंगलवार को कर्नाटक के विजयपुरा जिल के इंडी कस्बे में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई थी। यहां एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची। आधी रात को गला दबाकर जान लेने की कोशिश भी की गई, लेकिन कूलर के शोर और मकान मालिक की सर्तकता की वजह से पति बीरप्पा मयप्पा पुजारी की जान बच गई। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया और आरोपी पत्नी सुनंदा को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन उसका प्रेमी सिदप्पा फरार हो गया था।
हत्या की सारी प्लानिंग सुनंदा ने की थी
सिदप्पा ने जो वीडियो जारी किया था, उसमें उसने कहा था कि ‘मैं सिर्फ़ सुनंदा की वजह से इसमें शामिल हुआ। उसने अपने पति की हत्या की योजना बनाई थी। उसने कहा था कि तीन-चार लोग और शामिल होंगे, लेकिन बाद में उसने जोर देकर कहा कि सिर्फ मैं ही आऊं। अब ये लोग मुझे बीरप्पा की हत्या के प्रयास में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। सुनंदा, उसका भाई और एक स्थानीय ग्राम पंचायत सदस्य इसमें शामिल है, जो मुझे फंसाने की कोशिश कर रहे हैं।
बीवी बोली- ‘इसे खत्म कर दो. छोड़ो मत सिद्दू
घटना 1 सितंबर की आधी रात अक्कमहादेवी नगर स्थित किराए के एक घर की है। यहां बीरप्पा मयप्पा पुजारी नामक शख्स चैन की नींद सो रहा था। अचानक उसकी छाती पर एक शख्स आकर बैठ गया और उसका गला दबाने लगा, वहीं कोई दूसरा व्यक्ति उसके पैरों पर बैठा था और उसके गुप्तांगों पर लगातार प्रहार कर रहा था। बीरप्पा छटपटाया तो उसका पैर कूलर से टकराया और तेज आवाज गूंजी। तभी उसने पत्नी सुनंदा पुजारी की आवाज सुनी, ’इसे खत्म कर दो. छोड़ो मत सिद्दू.’
मकान मालिक के पहुंचने से बची थी जान
शोर सुनकर मकान मालिक मल्लिकार्जुन सुतार और उनकी पत्नी राजेश्वरी घर के बाहर पहुंच गए, वहीं मौजूद बीरप्पा के बच्चे राकेश ने रोते-रोते दरवाजा खोला तो सुनंदा दौड़कर बाहर आई और मकान मालिक को अंदर आने से रोकने लगी। उसने उन्हें धक्का देकर भगा दिया। इधर बीरप्पा ने गला दबाने वाला शख्स सिद्दप्पा कटानाकेरी को पहचान लिया था। ये सुनंदा का प्रेमी था, जिसको लेकर घर में अक्सर झगड़े होते थे। उसके साथ एक और शख्स था, जिसका चेहरा कपड़े से ढंका हुआ था। दोनों भाग निकले। बीरप्पा को अस्पताल में भर्ती कराया गया और सुनंदा गिरफ्तार हो गई।
पहले वीडियो जारी किया, फिर मिली लाश
अब सुनंदा के उसी प्रेमी ने अंजान लोकेशन से एक वीडियो जारी किया और बताया कि हत्या का सारा प्लान सुनंदा का था। मैं सिर्फ सुनंदा की वजह से फंसा हूं। इसके बाद अगले दिन बुधवार को सिद्दप्पा का शव इंडी तालुका के अंजुतागी गांव के बाहरी इलाके में एक पेड़ से लटका हुआ मिला तो हड़कंप मच गया। शव सड़ी-गली अवस्था में था।
जालकी पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे, जहां सिद्दप्पा के परिवार के सदस्य शोक में डूबे हुए थे। पुलिस को आत्महत्या का संदेह है, लेकिन आरोपों, अवैध संबंधों और एक असफल हत्या की साजिश के साथ मामले ने सनसनीखेज मोड़ ले लिया है। सच्चाई का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच जारी है।
उधर मौत की दहलीज से वापस लौटे पति बीरप्पा मयप्पा पुजारी ने राहत की सांस ली है और ईश्वर को धन्यवाद देते नहीं थक रहा है। किस्मत ने बिरप्पा का साथ दिया और बच गया। वरना उसका भी हाल मेरठ के सौरभ और इंदौर के राजा रघुवंशी जैसा होता।







