नई दिल्ली। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने CBI की उस क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत डॉ. मनमोहन सिंह को कोयला ब्लॉक आवंटन (कोल घोटाला) मामले में सभी आरोपों से बरी कर दिया गया था। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने मनमोहन सिंह के खिलाफ निचली अदालत द्वारा जारी समन और मामले को पूरी तरह से बंद कर दिया है।
चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने सन् 2015 में एक विशेष अदालत द्वारा डॉ. मनमोहन सिंह को जारी किए गए समन को चुनौती देने वाली याचिका पर यह फैसला सुनाया।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि CBI द्वारा दाखिल क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करने का ट्रायल कोर्ट का फैसला उचित नहीं था। शीर्ष अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा: “हम इस बात से संतुष्ट हैं कि विद्वान सत्र न्यायाधीश के पास CBI की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करने और संज्ञान लेने के कोई मजबूत कारण नहीं थे। नतीजतन, हम विशेष अनुमति याचिका (SLP) को स्वीकार करते हैं और विशेष न्यायाधीश के आक्षेपित आदेशों को रद्द करते हैं। इसके परिणामस्वरूप CBI द्वारा दायर क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार किया जाता है और मामले को गुण-दोष के आधार पर बंद किया जाता है।”







