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विदेशी नेताओं को PM मोदी ने दिए खास तोहफे, भारतीय कला की दिखी झलक

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब भी विदेश दौरा पर जाते हैं तो भारत की सांस्कृतिक क्षमता जरूर दिखती है। अक्सर पीएम मोदी विदेश जाने पर विदेशी समकक्षों के लिए भारत की तरफ से खास उपहार जरूर देते हैं। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच देशों की यात्रा पर हैं। फिलहाल वे ब्राजील में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। ब्राजील से पहले पीएम मोदी घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना गए थे। ब्राजील से पीएम मोदी नामीबिया रवाना होंगे। अपने दौरे पर पीएम मोदी ने मित्र देशों को खास तोहफे भी दिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर को अयोध्या के राम मंदिर की चांदी से बनी प्रतिकृति तोहफे में दी। चांदी की यह प्रतिकृति भारत के सबसे पवित्र आध्यात्मिक स्थलों में से एक अयोध्या राम मंदिर की है। इसे हाथ से बनाया गया है। उत्तर प्रदेश के कुशल कारीगरों ने इस तैयार किया है। यह राम मंदिर की भव्यता और जटिल वास्तुकला को दर्शाता है। पूरी तरह से शुद्ध चांदी से बना यह छोटा मंदिर पवित्रता, भक्ति और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है। यह उत्तर प्रदेश की मंदिर कला और धातु के काम की समृद्ध विरासत को दर्शाता है।

इसके अलावा पीएम मोदी कमला प्रसाद-बिसेसर को सरयू नदी के पवित्र जल से भरा कलश भी भेंट किया। सरयू नदी के पवित्र जल से भरा यह कलश पवित्रता, आशीर्वाद और आध्यात्मिक गौरव का प्रतीक है। भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या से होकर बहने वाली सरयू नदी हिंदू परंपरा में बहुत महत्व रखती है। ऐसा माना जाता है कि यह पापों का नाश करती है और सुख, शांति और समृद्धि लाती है। धातु से बना यह कलश प्रचुरता और पवित्रता का प्रतीक है। यह ईश्वर की कृपा, सेहत और आध्यात्मिक कल्याण का आह्वान करता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अर्जेंटीना की उपराष्ट्रपति विक्टोरिया विलारुएल को मधुबनी पेंटिंग भेंट की। सूर्य की यह मधुबनी पेंटिंग बिहार के मिथिला क्षेत्र की भारत की सबसे पुरानी लोक कला परंपराओं में से एक है। बोल्ड लाइनों, जटिल पैटर्न और प्राकृतिक रंगों के लिए जानी जाने वाली मधुबनी कला पारंपरिक रूप से त्योहारों के दौरान समृद्धि लाने और नकारात्मकता को दूर करने के लिए दीवारों पर सजाई जाती है। यह कृति सूर्य को दर्शाती है, जो ऊर्जा और जीवन का प्रतीक है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली को फ्यूचसाइट स्टोन बेस पर हाथ से उकेरा हुआ चांदी का शेर उपहार में दिया।
यह राजस्थान की प्रसिद्ध धातुकर्म और रत्न कला का एक शानदार उदाहरण है। चांदी का शेर साहस और नेतृत्व का प्रतीक है, जबकि फ्यूचसाइट बेस (Stone of Healing and Resilience) प्राकृतिक सुंदरता और अर्थ जोड़ता है। भारत के खनिज समृद्ध क्षेत्रों से मिली चांदी और फ्यूचसाइट का उपयोग करके कुशल राजस्थानी कारीगरों की ओर से इसे तैयार किया गया।

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