महाराष्ट्र /नागपुर। जिले में विस्फोटक सामग्री बनाने वाली फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके ने औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे में अब तक 19 मजदूरों की मौत हो चुकी है जबकि 24 लोग घायल होकर अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि अब-तक 2600 से ज्यादा लोग सुरक्षित जगह पर भेजे जा चुके हैं।
शुरुआती जांच में सुरक्षा नियमों की अनदेखी सामने आने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी के नौ निदेशकों को गिरफ्तार किया है। प्रशासन ने मामले को गंभीर औद्योगिक लापरवाही का मामला माना है।
जांच एजेंसियों की प्रारंभिक रिपोर्ट में क्या?
नागपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार ने बताया कि कटोल तहसील के राउलगांव स्थित एसबीएल एनर्जी लिमिटेड की डेटोनेटर पैकिंग यूनिट में यह शक्तिशाली विस्फोट हुआ था। जांच एजेंसियों की प्रारंभिक रिपोर्ट में फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की कमी और संचालन में लापरवाही के संकेत मिले हैं। इसके आधार पर कंपनी के 21 निदेशकों और शेयरधारकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 यानी गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है।
सुरक्षा जांच में सामने आई गंभीर खामियां : पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन और औद्योगिक सुरक्षा व आरोग्य निदेशालय की शुरुआती जांच में कई सुरक्षा चूक सामने आई हैं। अधिकारियों के अनुसार फैक्ट्री में विस्फोटक सामग्री के संचालन और सुरक्षा प्रबंधन में गंभीर लापरवाही बरती गई थी। पुलिस ने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है। हादसा इतना भयानक था कि कई शवों की पहचान तुरंत संभव नहीं हो सकी।
डीएनए जांच से होगी मृतकों की पहचान : प्रशासन ने बताया कि विस्फोट की तीव्रता के कारण कई मजदूरों के शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इसलिए मृतकों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए परिजनों के डीएनए नमूने लिए जा रहे हैं। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका इलाज जारी है। प्रशासन ने अस्पतालों को विशेष निर्देश दिए हैं ताकि सभी घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।
मृतकों के परिवारों को आर्थिक मदद और जांच के आदेश : राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने उच्चस्तरीय बैठक के बाद कहा कि प्रथम दृष्टया कंपनी की लापरवाही सामने आई है। कंपनी मृतकों के परिजनों को 75 लाख रुपये और घायलों को 25 लाख रुपये देगी। इसके अलावा राज्य सरकार की ओर से 5 लाख और केंद्र सरकार की ओर से 2 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। इस तरह प्रत्येक मृतक परिवार को कुल 82 लाख रुपये की मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने पूरे मामले की गहन जांच के आदेश देते हुए एक महीने में रिपोर्ट सौंपने को कहा है।







