एक साथ आएंगी तीन महाशक्तियां – रूसी मीडिया की ओर से ये खबरें ऐसे वक्त में आ रही हैं, जब इसी महीने के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन जाकर SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले हैं।उनकी यह यात्रा 2020 के गलवान संघर्ष के बाद भारतन संबंधों को सामान्य करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।21 अक्टूबर, 2024 को कज़ान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी और शी की मुलाकात के बाद सीमा तनाव कम करने पर सहमति बनी थी। SCO में भारत, रूस, और चीन का एक साथ आना अमेरिका-यूरोप के वर्चस्व को चुनौती दे सकता है। यह भारत-चीन संबंधों को सामान्य करने और भारत-रूस व्यापार को मजबूत करने का अवसर होगा। चूंकि इस वक्त तीनों ही देश अमेरिका के भारी-भरकम टैरिफ और प्रतिबंधों की मार झेल रहे हैं। ऐसे में इनकी मुलाकात वैश्विक राजनीति के लिए काफी अहम होगी।
कज़ान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन को 2025 में भारत में होने वाले भारत-रूस शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया। यह मुलाकात 2025 के अंत तक होने की संभावना है, क्योंकि भारत-रूस शिखर सम्मेलन आमतौर पर सालाना आयोजित होता है। दोनों नेताओं ने 2024 में दो बार मुलाकात की थी लेकिन इस बार जब पुतिन और मोदी की मुलाकात होगी तो परिस्थितियां काफी बदली हुई होंगी।







