पंजाब में 1400 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। 4.5 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। करीब 37 लोगों की जान चली गई। 3.5 लाख एकड़ जमीन में फसल पानी में डूब गई है। राज्य सरकार ने 71 करोड़ रुपये का फंड जारी किया है। पंजाब में अभी और हालात बिगड़ सकते हैं। दो दिन भारी बारिश का अलर्ट है। ऐसे में पंजाब सरकार ने पूरे राज्य को आपदाग्रस्त घोषित कर दिया है।
सभी विभागों को प्रभावित सेवाओं को बहाल करने के लिए युद्ध स्तर पर काम करने के आदेश दिए गए हैं। सभी विभागों में कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। मुख्य सचिव केएपी सिन्हा ने सभी जिला मजिस्ट्रेटों और विभागों को राहत कार्यों में तेजी लाने कहा है।

अब तक 37 लोगों की मौत-
तीन बांधों पर बढ़ा दबाव… इसलिए पंजाब में ज्यादा बिगड़े हालात-
पौंग बांध जलाशय में जलस्तर खतरे के निशान से चार फीट ऊपर-
रणजीत सागर बांध के सातों गेट पहली बार खोले गए- पंजाब में वर्ष 1988, 93 के बाद 2025 में ऐसे हालात बने हैं। रणजीत सागर बांध पर कार्यरत कर्मियों के मुताबिक उन्होंने ऐसी बाढ़ पहली बार देखी है। जबसे बांध बना है तब से अब तक पहली बार सातों गेट खोलने पड़े हैं। बुधवार को बांध में जलस्तर खतरे के निशान से एक मीटर नीचे 526.97 मीटर तक पहुंच गया। बुधवार को 71 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
विभागों को निर्देश जारी-
-पीडब्ल्यूडी, जल संसाधन विभाग और पीएसपीसीएल को सेवाओं को बहाल करने के लिए युद्ध स्तर पर काम करना होगा।
-टेलीकॉम सेवा प्रदाता मोबाइल और लैंडलाइन सेवाओं की बहाली तुरंत करें।
-पंचायत और शहरी निकाय आपातकालीन प्रतिक्रिया, राहत और पुनर्वास में पूरी मदद करें।
-सभी विभाग और एजेंसियां लोगों की जान और संपत्ति की रक्षा के लिए पूरी तत्परता से कार्य करें।
डीसी अपने स्तर पर ले सकेंगे फैसला- राज्य को आपदा प्रभावित घोषित करने का मतलब है कि अब सभी जिले ही बाढ़ से प्रभावित है जिसके तहत अब आपदा से निपटने के लिए डीसी अपने स्तर पर फैसले ले सकते हैं। इससे आपातकालीन सेवाओं में तेजी आएगी। साथ ही प्रदेश को केंद्र से अतिरिक्त पैकेज भी मिल सकता है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें बड़े पैमाने पर तैनात की जाती हैं। सड़कें, स्कूल, अस्पताल के पुनर्निमाण और कृषि भूमि बहाल करने के लिए विशेष पैकेज तैयार किया जा सकता है। किसानों को विशेष राहत दी जा सकती है।







