नईदिल्ली। भारत में निपाह वायरस का खतरा एक बार और बढऩे लगा है। गुरुवार को केरल में एक मरीज निपाह वायरस से संक्रमित पाया है। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि कोझिकोड के सरकारी मेडिकल कॉलेज में 43 वर्षीय एक व्यक्ति की शुरुआती जांच में निपाह वायरस संक्रमण की पुष्टि होने के बाद केरल में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि पुष्टि के लिए सैंपल पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भेजे गए हैं और जल्द ही नतीजे आने की उम्मीद है। वायरस के मुख्य वाहक चमगादड़ होते हैं। अगर कोई व्यक्ति चमगादड़ के काटने से प्रभावित फल खाता है, तो वह भी इस वायरस से संक्रमित हो सकता है। हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने दावा किया था कि चमगादड़ों के अलावा पागल कुत्ते भी इस वायरस के वाहक हो सकते हैं।
निपाह वायरस से संक्रमित लोगों की औसत मृत्यु दर 50 प्रतिशत से अधिक है। डॉक्टरों के अनुसार, वायरस का जितनी जल्दी पता चलता है, ठीक होने की संभावना उतनी ही अधिक होती है। बीमारी के शुरुआती लक्षण सामान्य बुखार जैसे होते हैं, जिससे शरीर का तापमान बढ़ जाता है। इसके बाद दौरे, गले में खराश, और सांस लेने में गंभीर समस्या हो सकती है। अधिक गंभीर अवस्था में, रोगी कोमा में जा सकता है। अभी तक इसका कोई विशिष्ट उपचार नहीं है। इस वायरस के टीके पर शोध जारी है।







