हावड़ा। पश्चिम बंगाल में शुभेंदु सरकार आते ही अपराधियों के खिलाफ पुलिस का एक्शन शुरू हो गया है। हावड़ा में पुलिस ने कुख्यात अपराधी आकाश सिंह को अंडरवियर में सड़क पर घुमाया है। इसका वीडियो भी सामने आया है।
पुलिस का ये एक्शन सामने आने के बाद पूरे राज्य के सियासी और प्रशासनिक गलियारों में खलबली मच गई है। उत्तर हावड़ा के कुख्यात अपराधी और कथित ‘डॉन’ आकाश सिंह को पुलिस ने सिर्फ अंडरवियर और सैंडो बनियान में, कमर पर रस्सी बांधकर दिनदहाड़े हावड़ा की सड़कों पर पैदल घुमाया। गोलाबाड़ी और मालीपंचघरा थाने की पुलिस ने भारी सुरक्षा के बीच कुख्यात गैंगस्टर से कई पुराने आपराधिक मामलों का ‘क्राइम सीन रीकंस्ट्रक्शन’ (घटना का पुनर्निर्माण) कराया।
कभी लंबे जूड़े और घनी दाढ़ी में खौफ का पर्याय माने जाने वाले आकाश सिंह का हुलिया अब पूरी तरह बदला हुआ था, उसके बाल और दाढ़ी छोटे कटे हुए थे। इस कड़े पुलिसिया एक्शन के बाद राज्य में राजनीतिक विवाद भी गरमा गया है। विपक्ष और आलोचकों का आरोप है कि राज्य में भाजपा सरकार के आने के बाद से पुलिस अपराधियों को सार्वजनिक रूप से अंतर्वस्त्रों में परेड करा रही है।
अपराधियों को कड़ा संदेश देने के लिए अंडरवियर में परेड? : पुलिस ने इस महीने की शुरुआत में ही आकाश सिंह को दबोचा था। उस पर साल 2021 में पुलिसकर्मियों पर सरेआम गोली चलाने समेत जबरन वसूली और हत्या के प्रयास जैसे 20 से ज्यादा गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। रविवार को जब पुलिस उसे हावड़ा के उन इलाकों में लेकर पहुंची जहां उसने अपराधों को अंजाम दिया था, तो सड़क पर देखने वालों का हुजूम उमड़ पड़ा। गैंगस्टर को सिर्फ बनियान और शॉर्ट्स में पैदल चलते देख हर कोई हैरान था। हालांकि, पुलिस सूत्रों ने सफाई देते हुए कहा कि भीषण गर्मी की वजह से उसे ऐसे कपड़े पहनाए गए थे और खुद आकाश ने ही अपनी मर्जी से बाल-दाढ़ी कटवाने की इच्छा जताई थी, लेकिन अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि समाज के सभी अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा करने और कड़ा संदेश देने के मकसद से ही डॉन की यह ‘सार्वजनिक परेड’ कराई गई।
जहां पुलिस पर चली थी गोली, वहीं दोबारा पहुंची टीम : जांचकर्ताओं के मुताबिक, इस पुनर्निर्माण अभ्यास (Crime Scene Reconstruction) का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना था कि पुराने गंभीर अपराधों की साजिश कैसे रची गई थी, उन्हें अंजाम देने में किन-किन मददगारों ने भूमिका निभाई और हावड़ा में यह आपराधिक नेटवर्क आखिर कैसे काम कर रहा था। पुलिस की टीमें आकाश सिंह को कड़ी सुरक्षा के बीच उस खास जगह पर भी लेकर गईं, जहां 2021 में उसने पुलिस टीम पर ही फायरिंग कर दी थी। अधिकारियों ने मौके पर सबूतों को सत्यापित किया और चश्मदीदों के बयानों को घटनाओं के क्रम से मिलाकर जांच को आगे बढ़ाया। पुलिस अब उन सफेदपोशों और स्लीपर सेल्स की पहचान करने में जुटी है, जो इस रंगदारी रैकेट को पीछे से ऑपरेट करते थे।
कड़े एक्शन पर शुरू हुई भयंकर राजनीति : इस खूंखार गैंगस्टर की सार्वजनिक उपस्थिति और परेड ने अब एक बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया है। आलोचकों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने पुलिस अभियानों के दौरान आरोपियों को इस तरह पेश करने के तरीके पर तीखे सवाल उठाए हैं। हाल ही में राज्य में एक अन्य आरोपी को भी कथित तौर पर अंतर्वस्त्रों में घुमाए जाने का मामला सामने आया था, जिसके बाद से पुलिस की कार्यप्रणाली पर बहस छिड़ गई है। जहां एक तरफ सरकार के समर्थक इसे ‘अपराध मुक्त राज्य’ बनाने और पुलिस का इकबाल बुलंद करने की दिशा में ‘डर आउट, भरोसा इन’ के वादे को सच होना बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दल इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन और कानून को ताक पर रखकर की जा रही कार्रवाई बता रहे हैं। फिलहाल, हावड़ा पुलिस इस गैंग के अन्य नेटवर्क को खंगालने के लिए आगे की जांच में जुटी हुई है।







