होशंगाबाद । दिल को झकझोर देने वाली वारदात मध्य प्रदेश राज्य की राजधानी भोपाल के जिला होशंगाबाद से सामने आई है। शाम करीब 4ः15 बज एक मां अपनी मासूम 8 साल की बेटी का हाथ थामे स्टेशन पर पहुंचती है। फिर जैसे ही तमिलनाडु एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म पर पहुंची, उसने अपनी ही बेटी को ट्रेन की ओर धक्का दे दिया। सारी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई, वरना एक बड़ा सच कलयुग की इस मां का पर्दाफाश नहीं हो पाता।
महिला के चेहरे पर सामान्य भाव, लेकिन अंदर क्या चल रहा था, किसी को अंदाजा नहीं था। करीब साढ़े तीन घंटे तक वह मां अपनी बच्ची को लेकर प्लेटफॉर्म पर इधर-उधर घूमती रही। कभी बेंच पर बैठना कभी प्लेटफॉर्म बदलना कभी यूं ही टहलना। बेटी को शायद यह लग रहा होगा कि वह अपनी मां के साथ एक सामान्य शाम बिता रही है, उसे ये नहीं पता था कि किस खौफनाक साजिश का हिस्सा बन चुकी है। फिर घड़ी ने 7ः45 बजाए, अंधेरा गहराने लगा स्टेशन की रोशनी तेज हुई और उसी पल, एक ऐसा कदम उठाया गया, जिसने इंसानियत को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया। जैसे ही तमिलनाडु एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म पर पहुंचने लगी, मां ने अपनी ही बेटी को ट्रेन की ओर धक्का दे दिया। सब कुछ कुछ ही सेकंड में हो गया। बच्ची ट्रेन और ट्रैक के बीच फंस गई।
गंभीर रूप से घायल
मंजर देख आसपास अफरा-तफरी मच गई। लोग दौड़े, चीख-पुकार गूंज उठी। किसी तरह बच्ची को बाहर निकाला गया और तुरंत इलाज के लिए भोपाल भेजा गया, जहां उसकी हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। शुरुआत में मां ने इसे हादसा बताया, लेकिन सच्चाई ज्यादा देर तक छिप नहीं सकी।
सीसीटीवी फुटेज ने पूरा राज खोल दिया हर कदम, हर हरकत कैमरे में कैद थी। जांच में सामने आया कि महिला कृषि विभाग में क्लर्क है और पति की मौत के बाद उसे अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। वह अक्सर अपनी बेटी को ऑफिस साथ लाती थी, क्योंकि बच्ची घर में अकेली नहीं रह पाती थी। अब सबसे बड़ा सवाल आखिर एक मां ऐसा क्यों करेगी?
क्या यह मानसिक तनाव था?कोई पारिवारिक दबाव?या कुछ और जो अब तक सामने नहीं आया? पुलिस ने महिला के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है और हर पहलू से जांच जारी है। इस घटना ने एक ऐसी सच्चाई छोड़ दी है, जो लंबे समय तक लोगों के मन में डर और सवाल बनकर रहेगी, जब अपनों से ही खतरा हो, तो भरोसा किस पर किया जाए?







