जबलपुर। ट्रेन में महिला यात्रियों के पर्स-बैग चुराने वाला शातिर चोर हरविंदर सिंह गिरफ्तारी से बचने के लिए पांच घंटे तक तालाब के पानी में छिपा रहा। इस दौरान वह कमल के खोखले तने से आक्सीजन लेता रहा।
गोताखोरों ने करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उसे तालाब से बाहर निकाला। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के हल्दौर निवासी हरविंदर सिंह ट्रेनों में चोरी के लिए कुख्यात है। उसके विरुद्ध देशभर में चोरी के 21 से ज्यादा मामले दर्ज हैं।
जबलपुर आरपीएफ को भी उसकी लंबे समय से तलाश थी। उसने सोमवार सुबह करीब 4.45 बजे सिहोरा स्टेशन पर खड़ी ट्रेन में एक महिला यात्री का पर्स चोरी किया और भागने लगा। इस दौरान आरपीएफ जवानों ने उसे पकड़ने का प्रयास किया तो वह ट्रैक की ओर भाग निकला।
जवानों से बचने के लिए उसने दिलचस्प तरीका अपनाया। वह रेलवे ट्रैक के पास एक तालाब में कूद गया। तालाब के पानी में कमल के खोखले तने से आक्सीजन लेता रहा। तालाब में छिपे हरविंदर की तलाश के लिए स्थानीय पुलिस और गोताखोर बुलाए गए।
हरविंदर ने आरपीएफ जवानों को अपना नाम और पता गलत बताता रहा। आरपीएफ के जबलपुर पोस्ट प्रभारी राजीव खरब ने ट्रेनों में चोरी से जुड़े केसों की पुरानी फाइल देखी तो कोटा स्टेशन में नौ साल पूर्व ऐसे ही एक शातिर चोर को पकड़े जाने की जानकारी मिली।
जब इंटरनेट पर इससे संबंधित समाचार खोजा गया तो एक समाचार में हरविंदर की पुरानी फोटो मिल गई। इसके बाद उसकी पूरी कुंडली खुल गई। राजीव खरब ने बताया कि हरविंदर के विरुद्ध भोपाल, इटारसी, उज्जैन, इगतपुरी, वालचंद नगर (पुणे), एमआइडीसी (मुंबई), विशाखापट्टनम एवं गुडीवाड़ा जीआरपी थानों में चोरी के कई मामले दर्ज हैं।







