शहडोल। जिला अस्पताल में डॉक्टर्स और पुलिसकर्मियों के बीच हुई मारपीट की घटना ने चिकित्सा समुदाय में आक्रोश उत्पन्न कर दिया है। अनुविभागीय दंडाधिकारी सोहागपुर, अरविंद शाह ने इस मामले की मजिस्ट्रियल जांच शुरू कर दी है। जांच के तहत 24 मई को स्थानीय एसडीएम कार्यालय में सभी प्रभावित व्यक्तियों और संगठनों से कथन दर्ज कराने की अपील की गई है।
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. कृष्णेन्दु द्विवेदी के साथ मारपीट का आरोप सोहागपुर थाने के एएसआई शुभवंत चतुर्वेदी, प्रधान आरक्षक सिद्धार्थ रैकवार, हरेंद्र सिंह और आरक्षक पवन सिंह पर लगा है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि इन पुलिस कर्मियों को पुलिस लाइन में अटैच कर दिया गया है, लेकिन अभी तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
इस घटना के बाद मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन और म. प्र. मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन जैसे विभिन्न संगठनों ने भी अपनी आवाज उठाई है। डॉ. केदार सिंह, जिला दंडाधिकारी ने एसडीएम अरविंद शाह को प्राधिकृत जांच अधिकारी नियुक्त किया है, और उन्हें 15 दिनों के भीतर जांच पूरी कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
संघ के प्रवक्ता ने कहा, हम इस घटना की घोर निंदा करते हैं। यह न केवल एक चिकित्सक के खिलाफ की गई हिंसा है, बल्कि यह पूरे चिकित्सा समुदाय के लिए एक खतरा है। हमें न्याय की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस मामले में अभी तक कोई निष्पक्ष और न्यायसंगत कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे चिकित्सा समुदाय में भय और आक्रोश व्याप्त है।







