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मध्यप्रदेश

भाजपा विधायक संजय पाठक पर आदिवासियों की 1100 एकड़ जमीन हड़पने का आरोप

आयोग ने मांगी रिपोर्ट, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने दिए 30 दिनों में जांच के आदेश, ईडी तक पहुंची सहारा जमीन सौदे की शिकायत

कटनी/जबलपुर। मध्यप्रदेश के कटनी जिले से सत्तारूढ़ भाजपा के लिए एक और बड़ा विवाद सामने आया है। विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक पर आदिवासी समुदाय की 1100 एकड़ जमीन हड़पने का गंभीर आरोप लगा है। यह मामला अब राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के संज्ञान में आ चुका है, जिसने 30 दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए हैं।

चौंकाने वाली बात यह है कि ये सभी कर्मचारी गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करते हैं, लेकिन इनके नाम पर जबलपुर, कटनी, डिंडौरी, उमरिया और सिवनी जिलों में बैगा जनजाति की बहुमूल्य जमीनें खरीदी गईं।

आरोप यह भी है कि जमीनों का चयन खनन क्षेत्रों के आसपास रणनीतिक स्थानों पर किया गया, जिससे संदेह और गहरा हो गया है कि यह कोई सामान्य लेन-देन नहीं, बल्कि पूर्वनियोजित भूमि घोटाला है।

प्रशासन की चुप्पी और सवाल

जबलपुर के कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने मीडिया को बताया कि उन्हें अब तक आयोग से कोई आधिकारिक आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि, जैसे ही आयोग से आदेश प्राप्त होगा, नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस बयान ने एक और सवाल खड़ा कर दिया, इतनी बड़ी मात्रा में भूमि हस्तांतरण प्रशासन की जानकारी और जांच के बिना कैसे हुआ?

सहारा इंडिया की 310 एकड़ ज़मीन सौदे में भी विधायक का नाम

इस बीच विधायक संजय पाठक का नाम एक अन्य विवादित भूमि सौदे में भी सामने आया है। आरोप है कि उन्होंने सहारा इंडिया समूह की लगभग 310 एकड़ बहुमूल्य जमीन को औने-पौने दाम में खरीदा। यह सौदा भोपाल, जबलपुर और कटनी में फैली संपत्तियों से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, वास्तविक कीमत करीब ₹1000 करोड़, लेकिन दस्तावेज़ों में यह केवल ₹79.66 करोड़ दर्शाई गई। शिकायत में यह भी कहा गया कि सौदे में काले धन का उपयोग हुआ और यह दो पारिवारिक फर्मों के नाम पर दर्ज किया गया। यह मामला अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पास पहुंच गया है।

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