रायगढ़ पुलिस की कार्यवाही पर उठने लगे सवाल
कोरबा । रायगढ़ के कोसमनारा में लंबे समय से ध्यान में बैठे सुप्रसिद्ध बाबा सत्यनारायण जी पर आकाश शर्मा नामक एक व्यक्ति द्वारा अशोभनीय, और अभद्र टिप्पणी करते हुए गलत तरीके से वीडियो प्रचारित किया गया था। मामले में चौकाने वाली बात सामने आई है। रायगढ़ पुलिस ने असली अपराधी को छोड़ कोरबा के ही एक नामी पत्रकार को आरोपी बना दिया है।
हाल ही में बाबा सत्यनारायण को बच्चे के साथ खेलते और प्रेम करते वीडियो बनाया गया था, जिसे सोशल मीडिया में डाला।वीडियो जब एक सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर आकाश शर्मा है के द्वारा बाबा की इस वीडियो में दिखे बालक को बच्ची कहते हुए अशोभनीय, निंदनीय और अपमानजनक टिप्पणी की गई जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और बवाल मच गया। मामले में आहत स्थानीय सर्व साहू समाज और स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस प्रशासन से जल्द आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की थी।
28 जनवरी 2026 को एपफआईआर दर्ज होने के बाद त्वरित कार्यवाही करने के चक्कर में पुलिस प्रशासन ने बिना तथ्यों और जांच किए बगैर ही कोरबा के पत्रकार सरोज कुमार रात्रे को ही गिरफ्तार कर लिया। जबकि वास्तव में बाबा सत्यनारायण जी के ऊपर अशोभनीय टिप्पणी करने वाले इंस्टाग्राम इनफ्लुएंसर आकाश शर्मा को खुला छोड़ दिया गया।
सरोज रात्रे के पिता ने बताया नियम विरुद्ध गिरफ्तारी !
सरोज रात्रे के पिता ने पुलिस की गिरफ्तारी पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। उनके पिता का आरोप है कि पुलिस ने उनके पुत्र को 29 जनवरी की रात्रि 10ः30 बजे ही घर से बिना सूचना, नाटिस और पक्ष जाने बगैर घर से गिरफ्तार कर लिया।
जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार 7 वर्ष से कम सजा के अपराध के लिए आरोपी को 41(1) ए के तहत नोटिस देना अनिवार्य है, उसके बाद भी पुलिस ने नियमों को ताक पर रखकर सरोज रात्रे को गिरफ़्तार किया, जिससे पूरे जिले में उनकी छबि खराब हुई। वही मामले में न्यायालय ने सरोज को जमानत देने से इनकार करते हुए जेल दाखिल कर दिया है।
छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन इकाई करतला-बरपाली ने की निंदा
लगभग 6 से ज्यादा वर्षों से क्षेत्र में पत्रकारिता करने वाले सरोज रात्रे की नियम विरुद्ध गिरफ्तारी से कोरबा क्षेत्र के पत्रकारों में असंतोष व्याप्त है। कोरबा के स्थानीय पत्रकार इसे लोकतंत्र की हत्या मान रहे है। मामले को लेकर यूनियन के सदस्यों ने निंदा व्यक्त करते हुए कार्यवाही को पूर्णतः गलत और निंदनीय बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।







