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कोरबा

बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र में हुए अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी, चार आरोपी गिरफ्तार, जानें पूरा मामला

कोरबा। बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र में हुए अंधे कत्ल की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा पुलिस ने महज 36 घंटे में कर दिया है। यह मामला महज हत्या नहीं, बल्कि विश्वास, प्रेम और धोखे की एक ऐसी कहानी है जहां एक महिला ने अपने ही प्रेमी को मौत के घाट उतारने की साजिश रची। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक अश्वनी पाठक की प्रेमिका अंजू पाठक ने ही अपने पूर्व पति रंजीत सिंह के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई और दो युवकों को 1 लाख रुपये की सुपारी देकर प्रेमी को मौत के घाट उतारा।

घटना का खुलासा ऐसे हुआ– 4 जुलाई को शाम 5:55 बजे सूचक मनीष शर्मा ने थाना प्रभारी को सूचित किया कि मोंगरा बस्ती भाठा में एक व्यक्ति का शव धारदार हथियार से कटे हुए अवस्था में पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि मृतक अश्वनी पाठक के गले, कंधे और पीठ पर जानलेवा वार किए गए थे। घटनास्थल से शराब की बोतल, मूंग दाल का पैकेट और एक बैग बरामद किया गया, जिससे पीछे की कहानी का पता चला।  पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएसपी दर्री विमल पाठक (IPS) के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम बनाई। तकनीकी और मानवीय सुरागों के आधार पर जांच करते हुए पुलिस ने 36 घंटे के भीतर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपियों की गिरफ्तारी व स्वीकारोक्ति-  सिट्टू को जांजगीर-चांपा के खरौद से और अजय चौहान को दर्री से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में  दोनों ने स्वीकार किया कि अंजू पाठक ने 1 लाख रुपये का लालच दिया था, जबकि रंजीत सिंह ने 4,300 रुपये अग्रिम दिए थे।  हत्या में उपयोग किया गया चाकू और खून से सने कपड़े भी जब्त कर लिए गए।

गिरफ्तार आरोपी- अंजू पाठक – मृतक की प्रेमिका, रंजीत सिंह मेहरा – अंजू का पूर्व पति, एकलव्य यादव उर्फ सिट्टू, अजय चौहान सभी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

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