कोरबा । शादी के लगभग 16 साल बाद ओझा परिवार में खुशियों की दस्तक हुई थी, लेकिन वह खुशी कुछ ही घंटों बाद मातम में बदल गई। आयुष्मान चिकित्सालय शारदा विहार में जन्मे जुड़वा बच्चों में से एक की मौत हो गई।
परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि समय रहते बच्चे को बेहतर इलाज के लिए रेफर नहीं किया गया। जहा जमकर हंगामा हुआ। इसकी सूचना पुलिस को भी दी गई जहा मौके पर पहुची।
अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही बरतने का आरोप : ओझा परिवार का कहना है कि अगर समय रहते बच्चे को उचित इलाज के लिए बड़े अस्पताल भेज दिया जाता तो उसकी जान बच सकती थी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही बरतने और मरीजों की गंभीरता को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। परिजन चाहते हैं कि मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषी चिकित्सकों पर कार्रवाई की जाए।
इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि नवजात की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही थी। पीलिया के लक्षण दिखते ही उचित उपचार शुरू किया गया था। स्थिति गंभीर होने पर ही बच्चे को रेफर किया गया। हालांकि परिजन इस दलील से संतुष्ट नहीं हैं।
एक ओर जहां 15 साल बाद घर में जुड़वा बच्चों के जन्म से खुशी का माहौल था, वहीं एक बच्चे की मौत से परिवार गहरे सदमे में है। इस घटना के बाद इलाके में अस्पतालों की व्यवस्था और नवजातों के इलाज को लेकर सवाल उठने लगे हैं।







