जांजगीर-चाम्पा। पिता का कर्ज चुकाने के लिए पुत्र ने खुद की मौत की साजिश रची। पता-तलाश के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 19 अगस्त 2025 को सूचक गुम इंसान के पिता तिलक राम श्रीवास निवासी तनौद थाना शिवरीनारायण द्वारा थाना पामगढ़ पुलिस को सूचना दिया कि इसका छोटा पुत्र कौशल श्रीवास उर्फ मोनू 21 साल बिना बिताये घर से शाम करीबन 7 बजे अपने मोटर सायकल सीजी 11-बीसी-7560 से गांव घूम कर आता हूँ कहकर निकला था। साथ में अपनी मां के मोबाइल को भी ले गया था।
रात्रि 9 बजे के आस-पास गुम इंसान के भाई जागेश्वर श्रीवास को सूचना मिलती है कि तुम्हारे घर का मोटर सायकल एवं मोबाईल फोन शिवनाथ नदी के पुल पैसर घाट में मिला है तब परिजन मौका स्थल पहुंचकर गुम इंसान के साथ अप्रिय घटना होने के अंदेशा पर तत्काल थाना पामगढ़ को सूचित कर गुम इंसान दर्ज कराया।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन में गुम इंसान की पतासाजी हेतु थाना पामगढ़ पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए रात्रि में ही मौका स्थल जाकर निरीक्षण कर गुम इंसान द्वारा प्रयुक्त मोटर सायकल, गुम इंसान का जूता, माँ का मोबाईल को बरामद किया जाकर पतासाजी की जा रही थी। युवक के अचानक गुम होने की घटना को देखते हुए एवं मामला गंभीर होने से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप के मार्ग दर्शन में सायबर टीम द्वारा गुम इंसान का हर हाल में पतासाजी हेतु त्वरित घटना स्थल जाकर सायबर तकनीकी जानकारी इकट्टा किया।
इंस्टाग्राम से मिला सुराग- जांच करने पर ज्ञात हुआ कि गुम इंसान द्वारा अपने दोस्त को सोशल मीडिया इंस्टाग्राम के माध्यम से गुम इंसान द्वारा 20 अगस्त को अपने आप को सुरक्षित होने की सूचना दिया गया था। सायबर सेल सभी तकनीकी संसाधन का उपयोग कर गुम इंसान की पतासाजी कर रही थी तभी दिनांक 23 अगस्त को शाम करीबन 5 बजे एक अज्ञात फोन नंबर से गुम इंसान के भाई के फोन पर काॅल आया, जो अपने आप को कौशल श्रीवास होना बताया, जिस पर उपरोक्त फोन नंबर की तस्दीक करने पर ज्ञात हुआ कि उक्त फोन को गुम इंसान द्वारा एक राहगीर से बिलासपुर रेलवे स्टेशन में बात करने के लिए मांग कर उपयोग किया गया था।
सायबर सेल एवं पामगढ पुलिस द्वारा तत्काल आरपीएफ बिलासपुर एवं उसलापुर को गुम इंसान का फोटो भेजकर स्टेशन क्षेत्र में पतासाजी करने सूचना दिया गया। इसी क्रम जांजगीर की सायबर टीम को मुखबीर सूचना मिला कि गुम इंसान के हुलिया का एक व्यक्ति तोरवा बिलासपुर क्षेत्र में घूम रहा है, जिस पर सायबर टीम तत्काल गुम इंसान के परिजन को साथ लेकर तोरवा क्षेत्र पहुंचकर गुम इंसान को सकुशल तोरवा बिलासपुर से बरामद किया गया।
घर की परेशानी दूर करने उठाया कदम- गुम इंसान कौशल श्रीवास से पूछताछ करने पर पता चला कि गुम इंसान के पिता का लाखों रूपये का कर्जा है तथा उसके चुकाने में असक्षम होने से कौशल परेशान रहता था। कौशल का 40 लाख रूपये का बीमा था। घर की परेशानी सेे छुटकारा पाने के लिए गुम इंसान कौशल श्रीवास द्वारा योजना बनाकर अपने आप को मृत घोषित कर अपने बीमा राशि प्राप्त करने के लिए उपरोक्त घटना कारित करना स्वीकार किया।
यहां-वहां आता-जाता रहा- दिनांक घटना के बाद गुम इंसान घटना स्थल से पैदल पामगढ़ गया, वहां से बस से 20 अगस्त को बिलासपुर पहुंचा एवं बिलासपुर रेलवे स्टेशन से छ.ग. एक्सप्रेस से दिल्ली फरिदाबाद दिनांक 21अगस्त को पहुंचा। रात्रि स्टेशन में रहा तथा 22 अगस्त को वापस स्टेशन से बिलासपुर के लिए निकला । दिनांक 23 अगस्त को बिलासपुर पहुंचा यात्रा के दौरान अपने मोबाईल को स्टेशन से फेंकना बताया।







