रायपुर। सोमवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में दो स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई भारतीय नागरिकों की मानव तस्करी कर उन्हें म्यांमार भेजने और साइबर ठगी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े मामले में की गई। एनआईए ने पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर और छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में तलाशी अभियान चलाया।
एनआईए के अनुसार गिरफ्तार आरोपी अंकित कुमार और इश्तिखार अली भारतीय युवाओं को थाईलैंड में वैध नौकरी दिलाने का झांसा देते थे। इसके बाद उनकी ऑनलाइन इंटरव्यू की व्यवस्था लीसा नामक महिला से कराई जाती थी, जिसे जांच एजेंसी म्यांमार में रह रही एक चीनी नागरिक मानती है। NIA ने बताया कि दोनों आरोपियों ने लीसा को असली भर्ती एजेंट के रूप में पेश कर पीड़ितों को भरोसा दिलाया कि उन्हें थाईलैंड में सुरक्षित नौकरी मिलेगी। इसके बाद उन्हें भारत से थाईलैंड और वहां से अवैध रूप से म्यांमार भेजा जाता था।
म्यांमार पहुंचने के बाद पीड़ितों को साइबर ठगी करने वाली कंपनियों में काम करने के लिए मजबूर किया जाता था। उनसे फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनवाए जाते थे और अमेरिका, ब्रिटेन तथा कनाडा के लोगों से संपर्क कर उन्हें फर्जी क्रिप्टोकरेंसी ऐप में निवेश करने के लिए बहलाया जाता था। एनआईए के मुताबिक, यदि कोई पीड़ित काम करने से इनकार करता था तो उसे बंधक बनाकर प्रताड़ित किया जाता था और काम जारी रखने के लिए मजबूर किया जाता था। इतना ही नहीं, रिहाई के बदले उनसे भारी रकम भी वसूली जाती थी।







