रियाद। सऊदी के शाही परिवार के प्रिंस अल वलीद की 20 साल कोमा में रहने के बाद मौत हो गई है। इतने लंबे समय में कोमा में रहने की वह से लोग उन्हें ‘स्लीपिंग प्रिंस’ कहते थे। लंदन में पढ़ाई के दौरान उनकी कार का एक्सिडेंट हो गया था। डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें ब्रेन हैमरेज हुआ है। इंटरनल ब्लीडिंग की वजह से वह कोमा में चले गए।
अल वलीद प्रिंस खालिद बिन तलाला अल सऊद के सबसे बड़े बेटे थे। 15 साल की उम्र से ही वह कोमा में थे और 36 की उम्र में उन्होंने दम तोड़ दिया। लंदन में कार एक्सिडेंट के बाद किंग अब्दुलअजीज मेडिकल सिटी में उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। कई बार डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर से हटाने की सलाह दी, लेकिन प्रिंस खालिद ने अल्लाह पर भरोसा जताते हुए इनकार कर दिया। उन्हें उम्मीद थी कि उनका बेटा एकदिन जरूर उठेगा।
प्रिंस खालिद ने सोशल मीडिया पर कहा, अल्लाह की मर्जी के आगे किसी की नहीं चलती। बड़े दुख के साथ बताना पड़ रहा है कि मेरा बड़ा बेटा नहीं रहा। अल्लाह उन पर रहमत बनाए रखें। सऊदी अरब और अन्य अरब देशों में कई सालों तक अल वलीद चर्चा का विषय थे। उनके वालिद प्रिंस खालिद ने भी बेटे के प्रति अपने प्रेम का एक नमूना पेश किया, जिसकी चर्चा दूर-दूर तक हो रही है।







