दुर्ग। उतई थाना क्षेत्र के पतोरा गांव के तालाब में कमल का फूल तोड़ने गए सीएसवीटीयू (छग स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय) में पदस्थ डिप्टी रजिस्ट्रार की तालाब में डूबने से मौत हो गई। पुलिस को घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों की मदद से उसे बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
सीएसवीटीयू में डिप्टी रजिस्ट्रार के पद पर पदस्थ डॉ. चंद्राकर ड्यूटी खत्म होने के बाद सीएसवीटीयू के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) के साथ उतई इलाके में एक प्लॉट का निरीक्षण करने गए थे। जहां मकान निर्माण कार्य चल रहा था। वापसी के दौरान पतोरा गांव के सड़क किनारे स्थित तालाब में खिले कमल के फूल देखकर उन्होंने अपनी कार रोकी और फूल तोड़ने तालाब में उतर गए।
उन्होंने सीएफओ से कहा कि उन्हें तैरना आता है। इसलिए वे आसानी से फूल तोड़कर लौट आएंगे, लेकिन तालाब में उतरने के बाद उनका पैर कमल के तनों और जड़ों में उलझ गया। जिससे वे बाहर नहीं निकल सके। और तालाब में डूब गए।
गांव वालों का कहना है कि कुछ दिनों पूर्व ग्राम पंचायत के अनुमति से इस तालाब का गहरीकरण किया गया है और गहारीकरण करने वाले मुरूम माफियाओं के द्वारा अधिक गहराई कर दी। जिसे गहराई में जाने से डिप्टी रजिस्ट्रार की मौत हो गई।
मृतक डॉ.भास्कर चंद्राकर मूल रूप से रायपुर के रहने वाले थे और वर्तमान में वे पिछले चार साल से प्रतिनियुक्ति पर सीएसवीटीयू भिलाई में डिप्टी रजिस्ट्रार पद पर कार्यरत थे। उनकी स्थाई पदस्थापना शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय जगदलपुर में थी। उनकी अचानक हुई मौत से विश्वविद्यालय और शिक्षा जगत में शोक की लहर है।







