दुर्ग । सोशल मीडिया और इंटरनेट पर बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री ऑनलाइन अपलोड तथा साझा करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर कुल छह आरोपियों को पकड़ा है, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल की साइबर टिपलाइन से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने यह कार्रवाई की।
एएसपी शहर शोभराज के अनुसार साइबर सेल दुर्ग को साइबर टिपलाइन के जरिये जानकारी प्राप्त हुई थी। सूचना में बताया गया था कि जिले के विभिन्न इलाकों में कुछ लोग इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिये बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री का आदान-प्रदान कर रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल और संबंधित थानों की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्ध आईपी एड्रेस, मोबाइल नंबरों और सोशल मीडिया खातों का तकनीकी विश्लेषण किया। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर संबंधित लोगों की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस टीम ने पुरानी भिलाई, छावनी, जामुल, नेवई और बोरी थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ा।
पांच थाना क्षेत्रों में दर्ज हुए छह मामले : पुलिस ने पुरानी भिलाई, छावनी, जामुल, नेवई और बोरी थानों में मामले दर्ज किए हैं। कुल मिलाकर पांच थाना क्षेत्रों में छह मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने इन सभी मामलों में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67(बी) के तहत कार्रवाई की है। पकड़े गए आरोपियों में पोषण लाल देवांगन, दिनेश प्रजापति, उमेश कुमार साहू, मुकेश विश्वकर्मा और प्रकाश दास शामिल हैं। इनके साथ पुलिस ने दो नाबालिगों को भी पकड़ा है।
ऑनलाइन अश्लील सामग्री साझा करने पर चेतावनी : एएसपी शहर शोभराज अग्रवाल ने कहा कि बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री को ऑनलाइन साझा करना, अपलोड करना या उसका आदान-प्रदान करना गंभीर अपराध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में साइबर टिपलाइन से मिलने वाली सूचनाओं पर तकनीकी जांच कर सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को हिदायत दी है कि वे इंटरनेट पर ऐसी आपत्तिजनक सामग्री को किसी के साथ भी साझा न करें।