नई दिल्ली। नेपाल में छात्रों के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच, प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के पद छोडऩे के बाद, काठमांडू के युवा मेयर बालेंद्र शाह (बालेन) पर ध्यान केंद्रित हो गया है। प्रदर्शनकारी उन्हें देश का अगला पीएम बनाने की मांग कर रहे हैं।
आइए जानते हैं कौन हैं बालेंद्र शाह। बालेन ने राजनीति में नहीं, बल्कि संगीत में अपनी पहचान बनाई थी। वह नेपाल के भूमिगत हिप-हाप परिदृश्य में सक्रिय थे और अपने संगीत का उपयोग भ्रष्टाचार और असमानता को उजागर करने के लिए करते थे। इसने उन्हें युवा नेपालियों के बीच पहचान दिलाई।सिविल और स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग की उनकी अकादमिक खोज ने उन्हें पेशेवर हलकों में विश्वसनीयता दिलाई।
कला और बुद्धि का यह अनोखा मिश्रण उनके राजनीतिक सफर की नींव बना। 2022 में, बालेन ने एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ते हुए काठमांडू के मेयर पद पर जीत हासिल की। वह बिना पार्टी समर्थन के इस पद को संभालने वाले पहले व्यक्ति बने। उनका अभियान रोजमर्रा की शहरी चुनौतियों जैसे कचरा निपटान, यातायात जाम, अनाधिकृत निर्माण और कुप्रबंधित विकास पर केंद्रित था। उनकी जीत ने लोगों को यह विश्वास दिलाया कि पारंपरिक दलीय व्यवस्था से बाहर कोई व्यक्ति भी स्थापित शक्तियों का सामना कर सकता है। बालेन के पास सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री है और उनका भारत से भी गहरा नाता है। उन्होंने कर्नाटक के विश्वेश्वरैया प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। जून 2023 में, उन्होंने फिल्म आदि पुरुष के एक संवाद को लेकर काठमांडू में भारतीय फिल्मों के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाकर राष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया था।







