नई दिल्ली। सैफ अली खान पर हमला के आरोप में मुंबई पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लिया था। इसमें एक शख्स को पुलिस ने छत्तीसगढ़ से हिरासत में लिया था। संदिग्ध के रूप में हिरासत में लिए गए व्यक्ति ने रविवार को कहा कि पुलिस कार्रवाई के बाद उसका जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है, उसके पास अब कोई नौकरी नहीं है। इस घटना के चलते उसकी शादी टूट गई है और परिवार को बदनामी का सामना करना पड़ रहा है।
18 जनवरी को मुंबई पुलिस की सूचना के बाद रेलवे सुरक्षा बल ने दुर्ग स्टेशन पर मुंबई लोकमान्य तिलक टर्मिनस-कोलकाता शालीमार ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस से आकाश कनौजिया (31) को हिरासत में लिया था। जिसके बाद दुर्ग आरपीएफ ने आकाश कनौजिया को छोड़ दिया था।
एक रिपोर्ट के अनुसार आकाश ने बताया कि जब मीडिया ने मेरी तस्वीरें दिखानी शुरू की और दावा किया कि मैं इस मामले में मुख्य संदिग्ध हूं तो मेरा परिवार सदमे में आ गया और उनकी आंखों में आंसू थे। पुलिस की एक गलती ने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी। वे यह नोटिस करने में विफल रहे कि मेरी मूंछें हैं और अभिनेता की बिल्डिंग में लगे सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे व्यक्ति की मूंछें भी नहीं थीं।
पीड़ित ने दावा किया कि घटना के बाद मुझे पुलिस का फोन आया और उन्होंने मुझसे पूछा कि मैं कहां हूं। जब मैंने उन्हें बताया कि मैं घर पर हूं, तो फोन काट दिया गया। मैं अपनी होने वाली दुल्हन से मिलने जा रहा था, तभी मुझे दुर्ग में हिरासत में लिया गया और फिर रायपुर ले जाया गया। वहां पहुंची मुंबई पुलिस की टीम ने भी मेरे साथ मारपीट की। कनौजिया ने कहा कि रिहा होने के बाद उनकी मां ने उन्हें घर आने के लिए कहा, लेकिन उसके बाद से उनकी जिंदगी में उथल-पुथल मच गई।
उन्होंने कहा, जब मैंने अपने नियोक्ता को फोन किया, तो उन्होंने मुझे काम पर न आने के लिए कह दिया। उन्होंने मेरी बात सुनने से इनकार कर दिया। फिर मेरी दादी ने मुझे बताया कि मेरी होने वाली दुल्हन के परिवार ने मेरी हिरासत के बाद शादी की बातचीत को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया है। कनौजिया ने कहा, ‘मेरे खिलाफ कफ परेड में दो और गुरुग्राम में एक मामला दर्ज है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मुझे इस तरह से संदिग्ध के तौर पर पकड़ा जाए और फिर मुझे अधर में छोड़ दिया जाए। मैं सैफ अली खान की बिल्डिंग के बाहर खड़ा होकर नौकरी मांगने की योजना बना रहा हूं, क्योंकि उनके साथ जो हुआ, उसकी वजह से मैंने अपना सब कुछ गंवा दिया है।
कनौजिया ने कहा कि यह ईश्वरीय कृपा थी कि दुर्ग रेलवे स्टेशन पर हिरासत में लिए जाने के कुछ ही घंटे के भीतर शरीफुल को पकड़ लिया गया। उन्होंने कहा, ‘‘अन्यथा, कौन जानता है, शायद मुझे मामले में आरोपी के तौर पर पेश किया जाता। अब मुझे न्याय चाहिए।







