कोरबा। एलपीजी गैस के अधिकांश उपभोक्ता इन दिनों खासे परेशान हैं। गैस एजेंसियों में मृतक से अन्य सदस्य के नाम ट्रांसफर के एवज में भारी भरकम शुल्क मांगा जा रहा है। जिले में एलपीजी के अधिकांश उपभोक्ताओं की मृत्यु हो चुकी है, लेकिन उनके नाम पर परिवार के सदस्यों को सिलेंडर उपलब्ध हो आ रहा है। क्योंकि ऑनलाइन अभी भी संचालित हो रहा है। एलपीजी संकट के बीच अब एजेंसियों में मृत हो चुके उपभोक्ताओं के परिजनों से केवायसी कराने कहा गया है।
अब ऐसे में मृतक से अन्य सदस्य के नाम स्थानांतरण होने पर ही गैस सिलेंडर उपलब्ध हो सकेगा। ऐसे ही एक उपभोक्ता के परिजन जब स्थानांतरण के लिए गैस एजेंसी पहुंचे तो उन्हें स्थानांतरण शुल्क 4900 रूपए बताया गया। जबकि यह शुल्क दो साल पहले 1600 के आसपास बताया गया था। जोकि दो साल में दुगने से भी ज्यादा हो गया है। मृतक से अन्य परिजनों के नाम स्थानांतरण का यह शुल्क निर्धारित है या फिर इसे एलपीजी संकट के बीच मनमाने बढ़ाया गया है। इसे लेकर मृतक उपभोक्ता के परिजन परेशान हैं। इस संबंध में खाद्य विभाग के एक अधिकारी से चर्चा की गई। अधिकारी का कहना है कि एजेंसियों को नियमानुसार शुल्क लेने का ही प्रावधान बनाया गया है। अब देखना यह है कि भारी भरकम स्थानांतरण शुल्क शासन द्वारा निर्धारित है या फिर एजेंसियों ने मनमाने बढ़ाया है।
पुरानी सिक्योरिटी राशि में ही नामांतरण
स्थानांतरण से संबंधित एक जानकारी उपलब्ध हुई है। जानकारी के अनुसार परिजन की मृत्यु के बाद या अन्य व्यक्ति के कनेक्शन को भी नियमों के अनुसार ट्रांसफर किया जा सकता है। नई व्यवस्था के तहत पुरानी सिक्योरिटी राशि में ही नामांतरण होगा। इससे लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और स्थानांतरण की प्रक्रिया भी सरल हो गई है। इसके लिए आपको सिर्फ पुरानी और वर्तमान सिक्योरिटी राशि के बीच का अंतर जमा करना होगा। उक्त जानकारी 15 मई को छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक किया गया था।







