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छत्तीसगढ़

दो वर्ष पुराने अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी : महिला सहित दो आरोपी गिरफ्तार

Dantewada  women Murder case: दंतेवाड़ा पुलिस ने करीब दो वर्ष पुराने अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए एक महिला की हत्या के मामले का खुलासा किया है। मामले में पुलिस ने हत्या की साजिश रचने वाली महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर प्लास्टिक बोरी में दबाया गया महिला का कंकाल भी बरामद किया है।

आरोपी कमली करटम की निशानदेही पर दंडाधिकारी, फोरेंसिक विशेषज्ञों और पुलिस टीम की मौजूदगी में स्थल का खनन कराया गया। इस दौरान सफेद प्लास्टिक बोरी में रखा मानव कंकाल बरामद हुआ, जिसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।

पुलिस ने मामले में हत्या का अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की। दोनों आरोपी लक्ष्मी नाग (22) निवासी कटेकल्याण और कमली करटम (40) निवासी तोयलंका को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

बयान और कॉल डिटेल से खुला राज :  पुलिस के अनुसार गुमशुदा महिला रामदई कश्यप की तलाश वर्ष 2024 से की जा रही थी। गुम इंसान प्रकरण में लगातार जांच के बावजूद कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया था। एसपी गौरव राय के निर्देश पर मामले की नए सिरे से जांच शुरू की गई। जांच के दौरान परिजनों के बयान लिए गए और कॉल डिटेल का विश्लेषण किया गया। इसमें डीआरजी का जवान पाण्डू करटम के साथ महिला के लगातार संपर्क में रहने की जानकारी सामने आई।

पैसे देकर रची हत्या की साजिश :  इसके बाद पुलिस टीम ग्राम तोयलंका पहुंची और ग्रामीणों से पूछताछ की। जांच में पता चला कि रामदई कश्यप के कमली करटम के पति (डीआरजी जवान पांडु) के साथ नजदीकी संबंध थे। इसी बात से नाराज होकर कमली करटम ने अपने रिश्तेदार हुंगाराम उर्फ बुटू करटम को पैसे देकर हत्या की साजिश रची।

मुंह और गला दबाकर उतारा मौत के घाट :  पुलिस जांच में सामने आया कि घटना के समय कमली करटम ने अपने पति की पहली पत्नी की बेटी लक्ष्मी करटम को दंतेवाड़ा भेजा था। रात में रामदई के घर पर होने की पुष्टि होने के बाद हुंगाराम को पिकअप वाहन से दंतेवाड़ा भेजा गया। आरोप है कि हुंगाराम ने घर में घुसकर रामदई कश्यप का मुंह और गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को पिकअप में रखकर तोयलंका ले जाया गया और घर के पीछे नाले के किनारे गड्ढा खोदकर दफना दिया गया।

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