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छत्तीसगढ़

प्रकृति, शांति और तिब्बती संस्कृति का अद्भुत संगम-मैनपाट

छत्तीसगढ़ की सबसे ठंडी और खूबसूरत वादियों में छुट्टियां बिताने का आदर्श गंतव्य

रायपुर।  छत्तीसगढ़ का मैनपाट प्राकृतिक सौंदर्य, सुखद जलवायु और सांस्कृतिक विविधता का एक ऐसा अनूठा संगम है, जो इसे वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाता है। यदि आप चिलचिलाती गर्मी से राहत और प्रकृति की गोद में सुकून की तलाश में हैं, तो मैनपाट आपके लिए एक श्रेष्ठ गंतव्य (Destination) साबित होगा।

छत्तीसगढ़ का शिमला और मिनी तिब्बत :  राज्य के उत्तरी हिस्से में स्थित इस खूबसूरत पहाड़ी पर्यटन स्थल को “छत्तीसगढ़ का शिमला” और “मिनी तिब्बत” के नाम से जाना जाता है। समुद्र तल से लगभग 1085 मीटर (3500 फीट) की ऊंचाई पर स्थित यह पठार अपनी ठंडी जलवायु, घने जंगलों, मनमोहक जलप्रपातों और तिब्बती संस्कृति के लिए पर्यटकों के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय है।

दर्शनीय स्थल और रोमांच :  मैनपाट के प्रमुख आकर्षणों में टाइगर पॉइंट और फिश पॉइंट शानदार जलप्रपात और पिकनिक स्पॉट शामिल है। इसी प्रकार जलजली एक अद्भुत दलदली जमीन जहाँ पैर पटकने पर धरती उछलती महसूस होती है। उल्टा पानी- यहाँ गुरुत्वाकर्षण के विपरीत पानी ऊपर की ओर बहता दिखाई देता है। परपाटिया व्यू पॉइंट यहाँ से पहाड़ों का विहंगम दृश्य दिखाई देता है।

सांस्कृतिक पहचान- तिब्बती बस्तियां : वर्ष 1962 में यहाँ तिब्बती शरणार्थियों को बसाया गया था, जिसके बाद से यह क्षेत्र बौद्ध धर्म और तिब्बती हस्तशिल्प का केंद्र बन गया। यहाँ के बौद्ध मठ, रंग-बिरंगे प्रार्थना ध्वज और स्थानीय तिब्बती व्यंजन जैसे मोमोज और थुकपा पर्यटकों को एक अलग ही दुनिया का अनुभव कराते हैं।

पर्यटन विकास की ओर सरकार के कदम :   छत्तीसगढ़ सरकार मैनपाट को अंतर्राष्ट्रीय स्तर के पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित कर रही है। बुनियादी ढांचों के उन्नयन के साथ-साथ प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला “मैनपाट कार्निवल” इसकी लोकप्रियता में चार चांद लगा रहा है। हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार से आने वाले समय में यहाँ पर्यटकों की संख्या में और अधिक वृद्धि की संभावना है।

आवास और सुविधाएं : पर्यटकों की सुविधा के लिए छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा संचालित सैला टूरिस्ट रिसॉर्ट और कर्मा एथनिक रिसॉर्ट प्रमुख आकर्षण हैं। यहाँ पारंपरिक जीवनशैली और आधुनिक सुविधाओं का मेल मिलता है। इसके अतिरिक्त, निजी होटल और होमस्टे के विकल्प भी उपलब्ध हैं। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से इन रिसॉर्ट्स में ऑनलाइन बुकिंग की जा सकती है।

कैसे पहुँचें? :  सड़क मार्ग राजधानी रायपुर से मैनपाट की दूरी लगभग 350 किलोमीटर है। रायपुर से अंबिकापुर तक बस या ट्रेन से यात्रा की जा सकती है, जहाँ से मैनपाट मात्र 55 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

हवाई सुविधा- हवाई संपर्क अब और भी सुगम हो गया है। अंबिकापुर स्थित माँ महामाया एयरपोर्ट (दरिमा) से दिल्ली और कोलकाता जैसी प्रमुख शहरों के लिए उड़ानें प्रारंभ हो चुकी हैं, जिससे पर्यटकों के समय की काफी बचत होगी।

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