कटघोरा के जंगलों में मचा जंगलराज…!, रेंजर-बीट गार्ड पर उठे सवाल….!
कोरबा (कटघोरा)। वन मंडल कटघोरा के वन परिक्षेत्र जटगा अंतर्गत बीट मुकवा मेराई के कंपार्टमेंट पी-251 में इन दिनों अवैध बेजा कब्ज़ा पूरे शबाब पर है। खुलेआम जंगल की ज़मीन पर कब्जा हो रहा है, पेड़ों की कटाई लगातार जारी है, मगर वन विभाग की चुप्पी बेहद चौंकाने वाली है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ये सब कुछ बिट गार्ड और रेंजर की मिलीभगत से हो रहा है।
बड़ी बात यह है कि अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। जनता सवाल पूछ रही है कि आखिर वन विभाग आंखें क्यों मूंदे बैठा है? क्या इसके पीछे किसी राजनीतिक रसूख का दबाव है या फिर नोटों की गर्मी ने सिस्टम को पिघला दिया है?
जटगा रेंज हमेशा से रहा विवादों का गढ़
जटगा रेंज का नाम पहले भी रेड जोन के तौर पर लिया जाता रहा है। यहां की कार्यशैली और ट्रांसफर का इतिहास खुद में कहानी बयां करता है। हालात ये हैं कि कोई भी रेंजर यहां टिकना नहीं चाहता। ताजा उदाहरण देखें तो जटगा में पोस्टिंग से पहले ही तीन रेंजर ने अपना ट्रांसफर करवा लिया। यह डर क्यों? क्या यहां कोई ऐसा दबाव है, जिससे अफसर खुद को असहज महसूस करते हैं?
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पोस्टिंग से पहले ही ट्रांसफर करा लेना एक नई परंपरा बन गई है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि रेंज में कुछ तो गड़बड़ है। यहां बिना संरक्षण और मिलीभगत के इस स्तर पर अवैध कब्जा होना नामुमकीन है..!
क्या कहता है कानून
भारतीय वन अधिनियम, 1927 और वन संरक्षण अधिनियम, 1980 के तहत किसी भी संरक्षित वन क्षेत्र में बिना अनुमति पेड़ काटना, निर्माण करना या कब्जा करना दंडनीय अपराध है। दोषी पाए जाने पर सज़ा और जुर्माना दोनों का प्रावधान है। लेकिन जब अधिकारी खुद मिलीभगत में शामिल हों, तो कानून भी बौना नजर आता है।
वन विभाग की चुप्पी सवालों के घेरे में..!
अब सवाल यह उठता है कि क्या वन मंडल अधिकारी को इस अवैध कृत्य की जानकारी नहीं है? यदि है, तो कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? और यदि नहीं है, तो क्या यह वन विभाग की विफलता नहीं है?
अब जांच से ही खुलेगा राज
जंगल की ज़मीन बचाने की जिम्मेदारी जिनके कंधों पर है, जब वही संदेह के घेरे में हों तो जनता का भरोसा कैसे कायम रहेगा? वन विभाग की निष्क्रियता और अफसरों की डरपोक नीति ने साफ कर दिया है कि यह मामला सिर्फ अवैध कब्जे का नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था पर सवाल है। अब उम्मीद है कि जांच होने पर पूरे खेल का पर्दाफाश होगा। नहीं तो आने वाले समय में जटगा जैसे रेंज जंगल नहीं, सिर्फ किस्से बनकर रह जाएंगे।







