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छत्तीसगढ़

‘बिकनी किलर’ चार्ल्स शोभराज से प्रेरित हाई प्रोफाइल शातिर ठग बिंगसन जॉन गिरफ्तार

300 फाइव स्टार होटलों को लगाया चूना, होटल हयात को बनाया था निशाना

रायपुर। देशभर के आलीशान पांच सितारा होटलों को अपनी ठगी और चोरी का निशाना बनाने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय ठग बिंगसन जॉन को रायपुर पुलिस ने ओडिशा के भुवनेश्वर से गिरफ्तार किया है। 69 वर्षीय इस बुजुर्ग ठग पर देश के 10 से अधिक राज्यों के करीब 300 होटलों में वारदात करने का आरोप है।

पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने अपने शुरुआती दिनों में एक होटल में वेटर का काम किया था, लेकिन मेहनताना न मिलने पर उसने जुर्म की दुनिया में कदम रख दिया और फर्जी पहचान के सहारे महंगे होटलों को लूटने लगा।

रायपुर के ‘होटल हयात’ में की आखिरी ठगी

यह पूरा मामला रायपुर के तेलीबांधा स्थित प्रसिद्ध ‘होटल हयात’ का है। होटल के सिक्योरिटी इंचार्ज सूरज सिंह की शिकायत के बाद पुलिस हरकत में आई। आरोपी बिंगसन जॉन 25 जून को होटल में रुका था और 27 जून की सुबह बिना चेक-आउट किए और बिना बिल चुकाए चुपके से फरार हो गया। आरोपी 63,755 रुपये का होटल बिल डकार गया साथ ही होटल से किराए पर लिए 1.48 लाख रुपये की कीमत का लैपटॉप को लेकर फरार हो था।

होटल प्रबंधन ने जब उसके दिए नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की, तो दोनों मोबाइल बंद मिले। इसके बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और तेलीबांधा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी जांच शुरू की। मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने ओडिशा के भुवनेश्वर में दबिश दी और वारदात के महज 72 घंटे के भीतर आरोपी को दबोच लिया। उसके पास से चोरी का लैपटॉप भी बरामद हो गया है।

चार्ल्स शोभराज को मानता था गुरु, 15 साल जेल में काटे

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि वह कुख्यात इंटरनेशनल ठग और ‘बिकनी किलर’ चार्ल्स शोभराज से बेहद प्रभावित था और उसी की तर्ज पर ठगी के नए-नए पैंतरे अपनाता था। वह खुद को कभी विदेशी ट्रैवल गाइड, कभी इंग्लिश टीचर तो कभी योगा टीचर बताकर बड़े होटलों में ठहरता था। वह कई दिनों तक फाइव स्टार सुविधाओं का लुत्फ उठाता और फिर मौका देखकर कीमती सामान समेटकर रफूचक्कर हो जाता था।

तिहाड़ भी जा चुका है, अब बीएनएस के तहत कार्रवाई

मूल रूप से तमिलनाडु के तूतीकोरिन का रहने वाला बिंगसन जॉन कोई नौसिखिया अपराधी नहीं है। वह पहली बार 1996 में दिल्ली की तिहाड़ जेल गया था और अब तक अपने जीवन के करीब 15 साल देश की अलग-अलग जेलों में काट चुका है। रायपुर पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया है। पुलिस अब अन्य राज्यों से भी उसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है।

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