रायपुर। शासकीय नौकरी लगाने और स्थानांतरण कराने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले दो जालसाजों को रायपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने खुद को प्रभावशाली लोगों का करीबी बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाया। इनमें से एक आरोपी ने गृहमंत्री का निज सहायक बनकर लोगों से रकम ऐंठी। पुलिस ने आरोपियों के पास से गृहमंत्री कार्यालय का फर्जी पहचान पत्र भी बरामद किया है।
पंद्रह लोगों से ठगी का खुलासा: शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस की पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने बताया कि वे अब तक करीब 15 लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं। दोनों ने सरकारी नौकरी लगाने और मनचाहा स्थानांतरण कराने का झांसा देकर करीब 15 लोगों से लगभग 25 लाख रुपये की ठगी की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है, जिससे ठगी के अन्य मामलों और पीड़ित लोगों के संबंध में और भी जानकारी सामने आने की संभावना है।
फर्जी पहचान पत्र बरामद : सिविल लाइन पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान भी उजागर कर दी है। इनमें से पहला आरोपी 23 वर्षीय आदित्य मोहन पंडा है, जो कमल विहार रायपुर का निवासी है। दूसरा आरोपी 38 वर्षीय संतराम यादव है, जो हिमालया हाईट्स देवपुरी रायपुर का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर गृहमंत्री कार्यालय का फर्जी पहचान पत्र जब्त कर लिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 528/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत मामला पंजीकृत करके वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।







