बिलासपुर। बेटी की शादी के लिए बैंक से लोन लेने पहुंचे व्यक्ति को मदद का झांसा देना महंगा पड़ गया। लोन दिलाने के नाम पर परिचित ने उसकी पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड अपने कब्जे में ले लिया और फर्जी हस्ताक्षर कर बैंक खाते से 2.50 लाख रूपए निकाल लिए। जब पीड़ित बेटी की शादी के लिए रकम निकालने बैंक पहुंचा, तब उसे धोखाधड़ी का पता चला। शिकायत के बाद मस्तुरी पुलिस ने मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया।
मस्तुरी थाना प्रभारी सलीम खाखा के अनुसार ग्राम आंकडीह निवासी भुनेश्वर दास 44 वर्ष की पहचान तहसील कार्यालय मस्तुरी में ग्राम सरगंवा निवासी रूपचंद मनहर 47 वर्ष से हुई थी। भुनेश्वर को अपनी बेटी की शादी के लिए पैसों की जरूरत थी। इसी दौरान रूपचंद ने उसे बैंक से लोन दिलाने में मदद करने की बात कही। वह भुनेश्वर को एक्सिस बैंक की जयरामनगर शाखा ले गया। बताया गया कि जमीन के दस्तावेजों के आधार पर भुनेश्वर के नाम पर 3.50 लाख रूपए का लोन स्वीकृत हुआ। इसके बाद 20 मार्च 2025 को बैंक में जांच के नाम पर रूपचंद ने भुनेश्वर की पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड अपने पास रख लिए।
आरोप है कि इसी का फायदा उठाकर उसने चेक पर भुनेश्वर के फर्जी हस्ताक्षर किए और खाते से 2.50 लाख रूपए निकाल लिए। भुनेश्वर को इसकी जानकारी काफी समय तक नहीं हुई। बेटी की शादी के लिए जब वह बैंक से रूपए निकालने पहुंचा तो खाते से रकम गायब होने की जानकारी मिली। इसके बाद उसने मस्तुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के बाद बीएनएस की धारा 318(4), 336, 338, 340, 296 और 351(2) के तहत अपराध दर्ज किया। पूछताछ में रूपचंद ने रकम निकालकर खर्च करना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया।
13 मामले दर्ज, 2025 से गुंडा बदमाश की सूची में शामिल
पुलिस के अनुसार रूपचंद मनहर आदतन बदमाश है। उसके खिलाफ मस्तुरी थाने में पहले से ही 13 आपराधिक मामले दर्ज हैं। लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहने के कारण वर्ष 2025 से उसका नाम गुंडा बदमाश सूची में शामिल है। पुलिस अब उसके खिलाफ दर्ज पुराने मामलों की जानकारी न्यायालय में देने की कार्रवाई भी कर रही है।







