अंबिकापुर। संजय पार्क से वन विभाग की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां बाड़े की सुरक्षा में चूक के कारण कुत्तों के हमले में 15 हिरणों की मौत हो गई। घटना ने वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 15 हिरणों के मौत की पुष्टि वन मंडल अधिकारी अभिषेक जोगावत ने भी की है। वहीं संजय पार्क में हिरणों की मौत के मामले में वन विभाग के मुख्य वन संरक्षक, सरगुजा वनवृत्त, अंबिकापुर द्वारा सख्त कार्रवाई करते हुए चार अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है, जबकि संबंधित रेंजर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जानकारी के अनुसार संजय पार्क में बनाए गए बाड़े में हिरण, कोटरा एवं बारहसिंगा रखे गए थे। शुक्रवार देर रात करीब 3 बजे बाड़े का गेट खुला रह जाने से 4-5 आवारा कुत्ते अंदर घुस गए और जानवरों पर हमला कर दिया। इस हमले में 14 हिरणों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हिरण ने उपचार के दौरान रविवार सुबह दम तोड़ दिया।
घटना के बाद शवों के निस्तारण को लेकर भी सवाल खड़े हुए। हालांकि डीएफओ ने स्पष्ट किया कि संजय पार्क जू नहीं, बल्कि रेस्क्यू सेंटर है, जहां उपचार के बाद वन्यजीवों को पुनः जंगल में छोड़ा जाता है। उन्होंने बताया कि सभी मृत वन्यजीवों का पोस्टमार्टम कर वन्यजीव चिकित्सक की उपस्थिति में विधिवत अंतिम संस्कार किया गया। फिलहाल वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और एहतियातन पार्क को दो-तीन दिनों के लिए आमजन के प्रवेश हेतु बंद कर दिया गया है।
डिप्टी रेंजर सहित 4 कर्मचारी निलंबित, रेंजर को नोटिस : संजय पार्क में हिरणों की मौत के मामले में वन विभाग के मुख्य वन संरक्षक, सरगुजा वनवृत्त, अंबिकापुर द्वारा सख्त कार्रवाई करते हुए चार अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है, जबकि संबंधित रेंजर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इस मामले में डिप्टी रेंजर अशोक कुमार सिन्हा, वनपाल ममता पोर्ते, वनपाल प्रतिमा लकड़ा एवं बीट गार्ड फुलमनी सिंह को निलंबित किया गया है। वहीं रेंजर अक्षपलक ऋषि को नोटिस जारी कर पांच दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।







