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छत्तीसगढ़

जमानत पर रिहा हुए आरोपियों ने निकाली कार रैली, स्टंटबाजी भी की, पुलिस ने फिर किया अंदर

बलौदाबाजार। जमानत पर रिहा हुए नौ आरोपियों ने कार से काफिला निकालकर रैली की। इतना ही नहीं कार की खिड़की से लटककर स्टंटबाजी भी की। फिर वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और आरोपियों को दोबारा जेल पहुंचा दिया। मामला भाटापारा शहर थाना क्षेत्र का है।

वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि आरोपी बदमाश कार की खिड़कियों से बाहर लटककर बैठे हुए हैं।  तीन से चार आरोपियो ने कार में सवार होकर सड़क पर जमकर हुड़दंग मचाया। इस दौरान उनके समर्थकों ने रैली निकालकर फूल माला पहनाकर उनका स्वागत-सत्कार किया। पटाखे फोड़कर आतिशबाजी भी की। सभी जश्न मनाते नजर आए।

आरोपियों में कानून का कोई भय नहीं है। बीच सड़क पर उनका यह तमाशा चलता रहा। ऐसा लग रहा है आरोपी मानों कहीं से जंग जीतकर आ रहे हो। बताया जाता है कि पांच जून की रात सभी आरोपी जेल से रिहा हुए। रात दस बजे कल्याण सागर वार्ड स्थित तालाब पार रोड पर कार-बाइक से रैली निकाली। इस दौरान आरोपियों ने हुड़दंग मचाया ।

न्यायिक रिमांड पर दोबारा भेजा जेल :  सभी आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 170, 126 और 135(3) के तहत केस दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया। सभी को न्यायिक रिमांड पर दोबारा जेल भेज दिया गया है। बताया जाता है कि कारों के काफिले के साथ रैली में शामिल बदमाशों से राहगीरों के साथ बदतमीजी भी की। इसके पीछे की मंशा दहशतगर्दी फैलाना था।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहा है कि आरोपियों को किसी प्रकार का भय नहीं है। पुलिस का जरा भी उन्हें खौफ नहीं है। रैली निकालने के बाद कुछ युवक कार सवारों का माला पहनाकर स्वागत करते दिखाई दिए। सूचना और वीडियो वायरह होने के बाद कुछ ही देर में पुलिस मौके पर रेड मारकर नौ आरोपियों को दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

जानें पूरा मामला :  आरोपियों के नाम आदित्य साहू (22 वर्ष), सागर धीवर (27 वर्ष), मनीष धृतलहरे उर्फ सूर्या (21 वर्ष), वसीम अली (20 वर्ष), संतोष उर्फ छोटू मनहरे (25 वर्ष), सागर यादव (24 वर्ष), आशीष ध्रुव (21 वर्ष), हेमंत भाट (20 वर्ष) और ओम ध्रुव (20) है। सभी के खिलाफ सार्वजनिक शांति भंग करने, मारपीट, हुड़दंग,आपराधिक साजिश रचने और सामूहिक रूप से अपराध करने जैसी धाराओं में मामला दर्ज हुआ था। उन्हें अलग-अलग समय पर जेल भेजा गया था।

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