नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक बातचीत के दौरान कहा कि पिछली बार नीट में जो हुआ, वो नहीं होना चाहिए था। जिन पर हम लोगों का भरोसा था, जिन शिक्षकों को पेपर ट्रांसलेट करने की जिम्मेदारी दी गई थी। उन लोगों ने ही इसे लीक कर दिया। सीबीआई की जांच जारी है, जो भी गुनहगार हैं, जो भी ताकतवर व्यक्ति हैं, उनको कानून की दायरे में लाया जाएगा। ऐसा दोबारा न हो इसके लिए प्रयास करेंगे।
नकल माफियाओं का नेटवर्क खत्म करेंगे : शिक्षा मंत्री ने कहा कि देश में नकल माफियाओं का नेटवर्क खत्म करने के लिए हर संभव उपाय किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर एनटीए (NTA) के लोग ही पेपर लीक करने लगेंगे तो मुश्किल बढ़ जाती है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इसमें जो भी लोग शामिल हैं, उनको हर हाल में सजा दिलाई जाएगी। इन लोगों ने भरोसा तोड़ा है। इस प्रक्रिया में शामिल लोगों की जिम्मेदारी तय करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश से हर पेपर माफिया को खत्म करके रहेगी।
हर जिले के कलेक्टर के साथ मॉनिटरिंग : शिक्षा मंत्री ने बताया कि राधाकृष्ण कमेटी ने चुनाव की तरह व्यवस्था करने की बात कही थी। ऐसे में हर परीक्षा केंद्र की अपडेट लेने के लिए उस जिले के कलेक्टर के साथ संपर्क किया गया और पूरी व्यवस्था की गई। हालांकि, ट्रांसलेट करने वाले लोग ही अगर पेपर याद करके लीक कर देंगे तो परेशानी बढ़ जाती है, लेकिन इससे निपटने के लिए पूरी तैयारी की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नीट पेपर लीक मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक की जाएगी।







