बस्ती। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के छावनी थाना क्षेत्र से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक शादी समारोह में भोजन कर रहे 11 वर्षीय बच्चे को सिर्फ इसलिए जलते तंदूर में फेंक दिया गया, क्योंकि वह बार-बार रसगुल्ला निकाल रहा था। इस अमानवीय कृत्य में बच्चा बुरी तरह झुलस गया है और उसे गंभीर हालत में लखनऊ रेफर किया गया है।
यह घटना 15 अप्रैल की रात मलौली गोसाईं गांव में एक शादी समारोह के दौरान हुई। पुलिस के अनुसार, गोंडा जिले का रहने वाला 11 वर्षीय चमन उर्फ अमर अपने ननिहाल बाघानाला (बस्ती) में रह रहा था। वह अपनी नानी के साथ इस शादी समारोह में शामिल होने आया था।
पुलिस ने पीड़ित के मामा देवीदीन निषाद की तहरीर पर बृहस्पतिवार को अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएसएस) की धारा 109(1) (हत्या के प्रयास) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपी फरार है और उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गोंडा जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र के दुर्जनपुर गांव का रहने वाला 11 वर्षीय चमन उर्फ अमर बस्ती के बाघानाला स्थित ननिहाल में रह रहा था। वह अपनी नानी के साथ मलौली गोसाई में एक रिश्तेदार की शादी में आया था। आरोप है कि भोजन स्थल पर बार-बार रसगुल्ला निकालने से नाराज ‘कैटरिंग’ ठेकेदार ने पहले बच्चे को डराया और फिर उठाकर जलते तंदूर पर बिठा दिया। इसी दौरान बच्चा अनियंत्रित होकर तंदूर के भीतर गिर गया।
चीख सुनकर परिजनों ने उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक वह चेहरे से कमर तक बुरी तरह झुलस चुका था। परिजन उसे पहले अयोध्या मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। हरैया की पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) स्वर्णिमा सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है और जल्द गिरफ्तारी होगी। सीओ ने बताया कि बच्चे को लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है और फिलहाल उसकी हालत स्थिर बतायी जा रही है।







